सीजी भास्कर, 4 जनवरी। हाई कोर्ट ने नीलामी में खरीदी गई प्रॉपर्टी पर बिजली बिल की जिम्मेदारी को लेकर अहम निर्णय सुनाया है। जस्टिस बीडी गुरु ने कहा कि संपत्ति का नया मालिक पूर्व मालिक के बकाया बिजली बिल का भुगतान करने के लिए बाध्य है। यह एक वैधानिक प्रक्रिया है और खरीदार पर कानूनी रूप से लागू होती है। इस निर्णय से (Property Auction Electricity Dues) की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
राजनांदगांव जिले की डोंगरगांव तहसील के बकल गांव में अरिहंत राक वूल फाइबर प्राइवेट लिमिटेड का संयंत्र संचालित था। अरिहंत ने बैंक आफ इंडिया से ऋण लिया था, लेकिन चुकाने में असफल रहने पर बैंक ने वर्ष 2002 में संपत्ति पर कब्जा कर लिया। 19 अप्रैल 2012 को नीलामी की सूचना जारी की गई, जिसमें पालीबान्ड राक फाइबर प्राइवेट लिमिटेड ने संपत्ति 2 करोड़ 62 लाख 18 हजार रुपये में खरीदी। बैंक ने विक्रय प्रमाण पत्र देते हुए स्पष्ट किया कि संपत्ति सभी ज्ञात भारों से मुक्त है।
हालांकि, जब याचिकाकर्ता ने सीएसपीडीसीएल से बिजली कनेक्शन मांगा, तब पता चला कि पूर्व मालिक पर वर्ष 2008 से बकाया है। सीएसपीडीसीएल ने नया कनेक्शन देने के लिए 17 लाख 67 हजार 873 रुपये जमा करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने इस मुद्दे को हाई कोर्ट में उठाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि (Property Auction Electricity Dues) में खरीदार को इस बकाया राशि का भुगतान करना अनिवार्य है, चाहे वह नीलामी के समय विज्ञापन में स्पष्ट रूप से न दिया गया हो।
बैंक की जिम्मेदारी
नीलामी से पूर्व बैंक द्वारा संपत्ति पर कब्जा होने और बकाया राशि की जानकारी न देने का आरोप लगाया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बैंक का यह दायित्व नहीं कि वह खरीदार को हर विवरण प्रदान करे, लेकिन खरीदार पर वैधानिक बाध्यता लागू रहती है। इससे (Property Auction Electricity Dues) में नियम स्पष्ट हो गए हैं।
खरीदार की बाध्यता
नए मालिक को पूर्व मालिक के बकाया बिजली बिल का भुगतान करना अनिवार्य है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यह एक वैधानिक प्रक्रिया है और किसी भी नीलामी में खरीदी गई संपत्ति पर लागू होती है। इस निर्णय से (Property Auction Electricity Dues) में खरीदार की जिम्मेदारी पक्की हो गई है।
सीएसपीडीसीएल का निर्देश
सीएसपीडीसीएल ने नया कनेक्शन देने से पहले 17 लाख 67 हजार 873 रुपये जमा करने को कहा। यह राशि बकाया बिजली बिल की है। कोर्ट ने आदेश दिया कि यह राशि जमा करना खरीदार की कानूनी जिम्मेदारी है। (Property Auction Electricity Dues) के मामले में यह प्रावधान महत्वपूर्ण साबित हुआ।
कानूनी सटीकता
हाई कोर्ट का यह निर्णय नीलामी में खरीदी गई संपत्तियों और बिजली बिल से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया को स्पष्ट करता है। कोर्ट ने कहा कि खरीदार को किसी भी प्रकार की शर्तों या विज्ञापन के अभाव में भी बकाया राशि का भुगतान करना पड़ेगा। इससे (Property Auction Electricity Dues) में नियम और स्पष्ट हो गया।
इस फैसले से भविष्य में नीलामी और संपत्ति खरीद में खरीदारों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि संपत्ति पर कोई बकाया या वैधानिक भार न हो। (Property Auction Electricity Dues) का यह फैसला प्रापर्टी मार्केट और विद्युत आपूर्ति की प्रक्रिया में एक मानक स्थापित करता है।





