सीजी भास्कर , 7 जनवरी। आज के दौर में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल या मैसेज का जरिया नहीं, बल्कि काम, बैंकिंग, पढ़ाई और मनोरंजन सब कुछ उसी (Smartphone Fell In Water) में समाया है। ऐसे में फोन का अचानक पानी में गिर जाना किसी भी व्यक्ति के लिए परेशानी भरा अनुभव हो सकता है। कई बार लोग घबराकर तुरंत सर्विस सेंटर की ओर दौड़ पड़ते हैं, जबकि सच यह है कि अगर समय रहते सही कदम उठाए जाएं, तो फोन को घर पर ही काफी हद तक सुरक्षित किया जा सकता है।
पानी में गिरते ही सबसे पहले क्या करें
जैसे ही स्मार्टफोन पानी में गिरे, उसे बिना देर किए बाहर निकालें। फोन अगर चालू है, तो तुरंत पावर ऑफ कर दें। चार्जिंग केबल, ईयरफोन, कवर या कोई भी एक्सेसरी लगी हो तो उसे अलग कर दें। इस वक्त फोन को ऑन करने या चेक करने की गलती बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे अंदर शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।
फोन सुखाने का सही और सुरक्षित तरीका
फोन के बाहरी हिस्से को साफ कपड़े या टिशू से हल्के हाथ से पोंछ (Smartphone Fell In Water) लें। इसके बाद फोन को किसी सूखी और हवादार जगह पर रखें। कई लोग जल्दी सुखाने के चक्कर में हेयर ड्रायर या हीटर का इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन तेज गर्म हवा फोन के नाजुक पुर्जों को नुकसान पहुंचा सकती है। फोन को न तो सीधी धूप में रखें और न ही किसी गर्म सतह पर, धैर्य रखना ही यहां सबसे सुरक्षित तरीका है।
चावल में फोन रखने का सच क्या है
अक्सर यह सलाह दी जाती है कि गीले फोन को चावल में दबा दें। चावल नमी सोखने में कुछ हद तक मदद कर सकता है, लेकिन यह कोई गारंटीड समाधान नहीं है। अगर फोन ज्यादा देर पानी में रहा है या पानी अंदर तक पहुंच गया है, तो सिर्फ चावल काफी नहीं होते। फिर भी, हल्के पानी के संपर्क में आए फोन के लिए यह एक अस्थायी उपाय माना जा सकता है, खासकर तब जब कोई और विकल्प उपलब्ध न हो।
चार्जिंग से पहले बरतें पूरी सावधानी
फोन सूखने के बाद भी जल्दबाजी न करें। कम से कम 24 से 48 घंटे तक फोन को चार्जर (Smartphone Fell In Water) से दूर रखें। अगर अंदर जरा-सी भी नमी बची होगी और आपने चार्जर लगा दिया, तो बैटरी या मदरबोर्ड को गंभीर नुकसान हो सकता है। चार्जिंग से पहले यह पूरी तरह सुनिश्चित कर लें कि फोन अंदर और बाहर से पूरी तरह सूख चुका है।
कब जरूरी हो जाता है सर्विस सेंटर जाना
अगर फोन ऑन नहीं हो रहा, स्क्रीन पर धब्बे दिख रहे हैं, कैमरा लेंस के अंदर पानी नजर आ रहा है, या स्पीकर की आवाज कमजोर हो गई है, तो देरी करना नुकसानदायक हो सकता है। पानी से खराब हुए फोन में धीरे-धीरे जंग लगने लगती है, जो बाद में बड़ा खर्च करा सकती है। ऐसी स्थिति में प्रोफेशनल जांच और रिपेयर ही सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।


