सीजी भास्कर 10 जनवरी। भारतीय रेल के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार–2025 समारोह में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (दपूम रेलवे) का प्रदर्शन खास (South East Central Railway Awards) रहा। नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में दपूम रेलवे के दो रेलकर्मियों को व्यक्तिगत रूप से अति विशिष्ट पुरस्कार से नवाजा गया, वहीं उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए जोन को तीन महत्वपूर्ण शील्ड भी प्रदान की गईं।
यह सम्मान समारोह 09 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देशभर से चयनित रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।
दो रेलकर्मी बने जोन की पहचान
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ओर से जिन दो कर्मियों को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार–2025 प्रदान किया गया, उनमें
दिलीप सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, नागपुर और
सांध्य प्रदीप चौबे, स्टेशन अधीक्षक, रायपुर शामिल हैं।
दोनों को रेल मंत्री द्वारा मंच पर व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया गया।
डिजिटल नवाचार से लेकर परियोजना निष्पादन तक योगदान
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक दिलीप सिंह को रेल संचालन, संरक्षा और डिजिटल प्रक्रियाओं को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए सम्मान मिला। उनके कार्यों से परिचालन प्रणाली में पारदर्शिता और कार्यकुशलता को नई गति मिली।
वहीं रायपुर स्टेशन अधीक्षक सांध्य प्रदीप चौबे को नया रायपुर स्थित HPCL गति शक्ति कोचिंग टर्मिनल को न्यूनतम व्यवधान के साथ सफलतापूर्वक कमीशन कराने और संचालन समन्वय में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह पुरस्कार दिया गया। उनके प्रयासों को रेलवे परियोजना प्रबंधन के क्षेत्र में उदाहरण के रूप में देखा गया।
जोन को मिला समग्र प्रदर्शन का सम्मान
व्यक्तिगत पुरस्कारों के साथ-साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को समग्र उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तीन प्रतिष्ठित शील्ड भी प्रदान की गईं। इनमें
ट्रैफिक ट्रांसपोर्टेशन शील्ड,
रेल मदद शील्ड,
उत्कृष्ट गुणवत्ता (वर्कशॉप) शील्ड – मोतीबाग वर्कशॉप, नागपुर शामिल हैं।
इन शील्ड्स को जोन की ओर से महाप्रबंधक को रेल मंत्री द्वारा प्रदान किया गया।
टीमवर्क और यात्री सेवा की मिली राष्ट्रीय पहचान
समारोह में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह सम्मान जोन की परिचालन दक्षता, यात्री-केंद्रित सेवाओं, तकनीकी गुणवत्ता और निरंतर सुधार की प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने का प्रमाण माना जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि कर्मचारियों की टीम भावना और कर्तव्यनिष्ठा का परिणाम है, जो सुरक्षित और आधुनिक भारतीय रेल के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है।


