सीजी भास्कर, 10 जनवरी। सूरजपुर जिले के एसईसीएल भटगांव क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर शासकीय शिक्षक से 13 लाख रुपये से अधिक की ठगी (Teacher Job Fraud) करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर आरोपित ठेकेदार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मामले की शिकायत शासकीय माध्यमिक शाला तेलईकछार में पदस्थ शिक्षक हेमंत राजवाडे, निवासी ग्राम पचिरा द्वारा कोतवाली थाना में दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में वे शासकीय माध्यमिक शाला नरेशपुर में पदस्थ थे। उसी दौरान उनके सहकर्मी शिक्षक दिलीप श्रीवास्तव ने उन्हें बताया कि उनका परिचित आकाश खरे एसईसीएल भटगांव क्षेत्र में माइनिंग इंचार्ज के पद पर कार्यरत है और उसकी अधिकारियों में अच्छी पकड़ है।
शिकायतकर्ता के अनुसार दिलीप श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि उसने स्वयं अपने बेटे की नौकरी लगवाने के लिए आकाश खरे को रुपये दिए हैं। इसी भरोसे पर उनकी आकाश खरे से मुलाकात कराई गई। बातचीत के दौरान आकाश खरे ने उनके पुत्र अंकुर राजवाडे की एसईसीएल भटगांव में नौकरी (SECL Job Scam) 15 लाख रुपये में लगाने का भरोसा दिलाया।
विभिन्न माध्यमों से लिए गए 13 लाख से अधिक रुपये (Teacher Job Fraud)
शिक्षक हेमंत राजवाडे ने बताया कि वे आकाश खरे, निवासी सुभाषनगर गांधीनगर अंबिकापुर, के झांसे में आ गए और अपने पुत्र की नौकरी लगवाने के नाम पर यूपीआई, एनईएफटी, आईएमपीएस, चेक और नगद माध्यम से कुल 13 लाख 35 हजार 27 रुपये की रकम उसे दे दी। इसके बावजूद लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उनके पुत्र को एसईसीएल में नौकरी नहीं मिली।
जब शिक्षक ने दिए गए रुपये वापस मांगे तो आरोपित लगातार टालमटोल करने लगा। स्वयं को ठगा हुआ महसूस होने पर शिक्षक ने कोतवाली थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कार्रवाई, आरोपी जेल भेजा गया (SECL Job Scam)
शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपित आकाश खरे के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी (Teacher Job Fraud) का अपराध पंजीबद्ध किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार किया और न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले ऐसे मामलों में जांच की जा रही है और आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को रुपये देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें।


