सीजी भास्कर, 11 जनवरी। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों को चूना लगाने का बड़ा मामला (Crypto Trading Scam) सामने आया है। हर महीने छह प्रतिशत मुनाफे का भरोसा दिलाकर 76 लोगों से 3 करोड़ 8 लाख रुपये से अधिक की रकम वसूल ली गई। शुरुआती दौर में नियमित ब्याज देकर भरोसा जमाया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद होते ही पूरी सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फाइनेंस अप इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी के नाम से कार्यालय खोलकर खुद को क्रिप्टो ट्रेडिंग विशेषज्ञ के तौर पर पेश किया। निवेशकों को बताया गया कि उनकी रकम क्रिप्टो ऐप के जरिए ट्रेडिंग में लगाई जाएगी और तय रिटर्न मिलेगा। पहले कुछ महीनों तक ब्याज मिलने से लोगों का भरोसा बढ़ता गया और कई निवेशकों ने रकम बढ़ा दी।
कुछ समय बाद अचानक भुगतान रुक गया। इसके बाद सुपेला थाना क्षेत्र के नेहरू नगर स्थित कार्यालय (Crypto Trading Scam) में ताला लटका मिला और आरोपी फरार हो गया। ठगी का शक होते ही पीड़ित निवेशकों ने एकजुट होकर पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी हार्दिक कुदेषिया को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से आईफोन, लैपटॉप, नोट गिनने की मशीन और निवेश से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि निवेशकों की रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई जाती थी और क्रिप्टो ट्रेडिंग का दावा केवल दिखावा था।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती ब्याज भुगतान एक सोची-समझी रणनीति थी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग निवेश करें। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश (Crypto Trading Scam) किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि गारंटीड रिटर्न या तय मुनाफे के वादों से सावधान रहें, खासकर जब बात क्रिप्टो या ऑनलाइन ट्रेडिंग की हो। बिना पुख्ता जानकारी और आधिकारिक पंजीकरण के किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले पूरी जांच जरूरी है।


