सीजी भास्कर, 11 जनवरी। नीति का तापमान बढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आजमी की ओर से भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे पर की गई तीखी टिप्पणी के बाद राजनीतिक (Nitesh Rane Controversy) गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बयान सामने आने के बाद यह मुद्दा केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक माध्यमों पर भी तीखी बहस का विषय बन गया है।
अबू आसिम आजमी ने नितेश राणे के सार्वजनिक बयानों और राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए उन पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर दी। उन्होंने राणे के हिंदुत्व और राष्ट्रवाद से जुड़े वक्तव्यों को उकसावे वाला बताते हुए कहा कि ऐसे बयान समाज में तनाव बढ़ाने का काम करते हैं। आजमी ने यह भी आरोप लगाया कि राणे बार-बार ऐसे कथन देते हैं, जिनसे धार्मिक सौहार्द प्रभावित होता है।
आजमी ने अपने बयान में यह सवाल भी उठाया कि क्या कोई नेता कानून-व्यवस्था (Nitesh Rane Controversy) से ऊपर है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों और धार्मिक स्थलों को लेकर दी जाने वाली बयानबाजी केवल राजनीतिक लाभ के लिए की जाती है, जबकि आम नागरिक शांति और सौहार्द के साथ जीवन जीना चाहता है। उनका कहना था कि त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान बार-बार विवाद खड़े होना चिंता का विषय है।
विवाद बढ़ने पर नितेश राणे ने भी पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्रवाद और देश की एकता की बात करते हैं। राणे ने कहा कि भारत में रहने वाले हर व्यक्ति को देश के सम्मान से जुड़े मूल्यों को स्वीकार करना चाहिए और इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना गलत है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप (Nitesh Rane Controversy) का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने बयानों पर कायम नजर आ रहे हैं। फिलहाल, आजमी और राणे के बीच शुरू हुई यह जुबानी जंग सियासी चर्चाओं के केंद्र में बनी हुई है।


