सीजी भास्कर, 11 जनवरी। रायपुर के बाद अब महासमुंद जिले से धान भंडारण को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बागबाहरा स्थित धान संग्रहण केंद्र में भारी मात्रा में धान कम मिलने के बाद प्रशासनिक हलकों में सवाल खड़े हो गए हैं। दावा किया गया है कि चूहे, दीमक और पक्षियों की वजह से केंद्र से 18,433 क्विंटल धान गायब हो गया, जिससे सरकारी खजाने को करीब 5.71 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
हालांकि, इस दलील पर जानकारों और विभागीय सूत्रों ने गंभीर आपत्ति (Mahasamund Paddy Scam) जताई है। उनका कहना है कि धान के सुरक्षित भंडारण के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। मार्कफेड के माध्यम से न केवल परिवहन, हमाली और सुरक्षा व्यवस्था की जाती है, बल्कि भंडारण केंद्रों में कीट नियंत्रण और रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय होती है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में धान का चूहों और पक्षियों द्वारा खा जाना कई सवाल खड़े करता है।
सूत्रों के अनुसार, बागबाहरा संग्रहण केंद्र में कुल स्टॉक का 3.65 प्रतिशत धान कम पाया गया है। जबकि संरक्षण विभाग द्वारा पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष 12 सितंबर को जारी पत्र में कहा गया था कि यदि स्टॉक में 1 प्रतिशत की कमी पाई जाती है तो कारण बताओ नोटिस जारी होगा, 1 से 2 प्रतिशत के बीच विभागीय जांच और 2 प्रतिशत से अधिक कमी पर तत्काल निलंबन, जांच और एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।
इन निर्देशों के बावजूद बागबाहरा केंद्र में तय सीमा से अधिक कमी पाए जाने पर अब तक सख्त कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। न तो प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट कदम सामने आया है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है।
गौरतलब है कि इससे पहले कबीरधाम जिले के कवर्धा में भी इसी तरह का मामला सामने (Mahasamund Paddy Scam) आया था, जहां करीब 7 करोड़ रुपये के धान को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने धान संग्रहण व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा दिया है।
इस पूरे मामले पर बागबाहरा धान संग्रहण प्रभारी का कहना है कि वर्ष 2024-25 में केंद्र में लगभग 12.63 लाख बोरी धान की आवक हुई थी। उनके अनुसार, आवक के समय धान में नमी 17 प्रतिशत थी, जबकि जावक के समय यह घटकर 10 से 11 प्रतिशत रह गई। उन्होंने दावा किया कि दीमक, कीट, पक्षी और चूहे भंडारण के दौरान धान को नुकसान पहुंचाते हैं।
वहीं जिला विपणन अधिकारी (DMO) ने बताया कि धान की कमी को लेकर संग्रहण केंद्र प्रभारी को विभाग की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला केवल धान की कमी तक सीमित (Mahasamund Paddy Scam) नहीं रह गया है, बल्कि यह भंडारण व्यवस्था, निगरानी तंत्र और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल बनता जा रहा है।


