सीजी भास्कर, 11 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात के सोमनाथ पहुंचे। इस दौरान देशभर से आए श्रद्धालुओं में उन्हें देखने और सुनने को लेकर खास उत्साह देखा गया। शनिवार रात सोमनाथ में ड्रोन शो के माध्यम से मंदिर के साहस, स्वाभिमान और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया, जबकि रविवार को प्रधानमंत्री ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को संबोधित किया।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi in Gujarat) ने कहा कि महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक आक्रांताओं ने बार-बार हमले किए, लेकिन वे यह भूल गए थे कि सोमनाथ के नाम में ‘सोम’ यानी अमृत है। जब-जब इसे नष्ट करने की कोशिश हुई, तब-तब सोमनाथ मंदिर और अधिक स्वाभिमान के साथ खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि मजहबी आततायी इतिहास के पन्नों में सिमट गए, लेकिन सोमनाथ आज भी अडिग खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक हजार साल पहले इसी भूमि पर हमारे पूर्वजों ने आस्था, विश्वास और महादेव के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी। आततायियों को लगा कि उन्होंने भारत को जीत लिया है, लेकिन आज एक हजार साल बाद भी सोमनाथ महादेव के मंदिर पर लहराती ध्वजा पूरी दुनिया को बताती है कि भारत की शक्ति और सामर्थ्य क्या है। यह संदेश सोमनाथ मंदिर (PM Modi in Gujarat) की अमर परंपरा को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश या पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निर्माण का इतिहास है। भारत में सोमनाथ जैसे हजारों वर्ष पुराने पुण्य स्थल हैं, जो हमारी परंपरा, प्रतिरोध और आत्मबल के प्रतीक रहे हैं। आज़ादी के बाद गुलामी की मानसिकता से इस गौरवशाली इतिहास को भुलाने की कोशिशें हुईं, लेकिन वह सफल नहीं हो सकीं। यह चेतना सोमनाथ स्वाभिमान पर्व (PM Modi in Gujarat) में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
प्रधानमंत्री ने ड्रोन शो, 108 अश्वों के साथ शौर्य यात्रा, मंत्रोच्चार और भजनों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन में गर्व, गौरव, गरिमा और अध्यात्म की अनुभूति है। इसमें भारत की वैभवशाली विरासत, आत्मीयता और देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद झलकता है। यह पूरा आयोजन गुजरात दौरा (PM Modi in Gujarat) को ऐतिहासिक बनाता है।


