सीजी भास्कर, 11 जनवरी। खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हासिल करने और किसानों की आय में दीर्घकालीन एवं स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से बड़ा कदम उठाया गया है। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना के तहत ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा टॉप-अप सहायता दी जा रही है। यह पहल ऑयल पाम खेती (Oil Palm Farming Subsidy) को किसानों के लिए अधिक लाभकारी बनाने पर केंद्रित है।
सहायक संचालक उद्यानिकी, मुंगेली ने बताया कि ऑयल पाम की खेती में प्रारंभिक लागत अधिक होने और 3 से 4 वर्षों की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने विशेष आर्थिक सहायता का प्रावधान किया है। केंद्र सरकार द्वारा देय न्यूनतम 1.30 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन किसानों को अतिरिक्त सहायता प्रदान कर रहा है, जिससे अधिक से अधिक कृषक ऑयल पाम रोपण (Oil Palm Farming Subsidy) की ओर आकर्षित हो सकें।
ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम वाली और उच्च उत्पादकता वाली फसल है। इसमें रोग प्रकोप की संभावना अत्यंत कम होती है। एक बार रोपण के बाद चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ हो जाता है और यह फसल 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज देती है। पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में ऑयल पाम प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे किसानों को स्थायी और सुनिश्चित आय मिलती है। यह विशेषता कृषक आय वृद्धि (Oil Palm Farming Subsidy) का मजबूत आधार बनती है।
विभिन्न मदों में अतिरिक्त अनुदान
राज्य शासन द्वारा पात्र किसानों को रखरखाव मद में 6,750 रुपए प्रति हेक्टेयर, अंतरवर्तीय फसलों के लिए 10,250 रुपए प्रति हेक्टेयर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने पर कुल 22,765 रुपए प्रति हेक्टेयर तथा फेंसिंग के लिए 54,485 रुपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जा रहा है। इस प्रकार ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को कुल 69,620 रुपए प्रति हेक्टेयर तक का अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है। यह सहायता राज्य अनुदान योजना (Oil Palm Farming Subsidy) के तहत प्रदान की जा रही है।
यह अनुदान केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो योजना के अंतर्गत ऑयल पाम का रोपण करेंगे। योजना से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए कृषक उद्यानिकी विभाग अथवा अधिकृत प्रतिनिधि कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं। ऑयल पाम की खेती किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।


