सीजी भास्कर, 12 जनवरी। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार आने वाला है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में सभी प्रकार की चिकित्सा जांच जैसे ब्लड टेस्ट, सीटी-स्कैन, एमआरआई आदि की कीमतें समान (Standardized Medical Rates) होंगी, ताकि मरीजों को कहीं भी सस्ता और पारदर्शी इलाज मिल सके।
फिलहाल, सरकारी अस्पतालों में कुछ जांच मुफ्त या बहुत कम दर पर होती हैं, लेकिन भारी भीड़ और जरूरी मशीनों के बंद होने के कारण मरीजों को निजी अस्पताल या लैब की ओर जाना पड़ता है। इससे उन्हें जांच का भारी बिल उठाना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए अब राज्य सरकार ने कीमतें समान (Standardized Medical Rates) की योजना बनाई है, जिससे मरीजों को जांच रिपोर्ट जल्दी और सही दर पर मिल सके।
निजी अस्पतालों में महंगी जांच
कई बड़ी जांच सरकारी अस्पतालों में मुफ्त या कम दर पर होती हैं। लेकिन मरीजों की भीड़ और मशीनों की कमी के कारण उन्हें निजी अस्पताल या लैब में जाना पड़ता है, जहां वही जांच 5 से 10 गुना महंगी हो जाती है।
इस योजना के लागू होने के बाद मरीज प्रदेश के किसी भी अस्पताल या लैब में अपनी जांच आसानी से करवा सकेंगे। सभी प्रमुख जांचों के लिए मानकीकृत दर तय होगी, जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर इलाज का बोझ कम होगा।
दर तय करने की प्रक्रिया
सरकार सभी प्रकार की जांच की दर तय करने के लिए बड़े स्तर पर मंथन कर रही है। दरें ऐसी होंगी कि निजी अस्पताल और लैब संचालक इसका विरोध न करें और आसानी से सरकार की इस पहल का समर्थन दें। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही निजी अस्पताल और लैब संचालकों के साथ बैठक करने जा रही है।


