सीजी भास्कर, 15 जनवरी | बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तीन दिवसीय प्रसिद्ध तातापानी महोत्सव का शुभारंभ इस बार केवल आस्था का पर्व नहीं रहा, बल्कि विकास की नई इबारत भी लिख गया। तपेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिले को Balrampur Development Projects के तहत 655 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने प्राचीन शिव चबूतरे पर विधिवत पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद 60 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा के समीप पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति की परंपरा को जीवंत किया। आस्था, संस्कृति और प्रशासन—तीनों का यह दृश्य तातापानी को विशेष बना गया, जहां Development Projects की औपचारिक शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री ने जिले में 655 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़कों, भवनों और बुनियादी ढांचे से जुड़े ये Development Projects आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर बदलने वाले हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों को उपज का उचित मूल्य, महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता और 5 लाख से अधिक भूमिहीन किसानों को आर्थिक सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Development Projects का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि जीवन स्तर में सुधार है।
चार बड़ी घोषणाओं से मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने जिले के लिए चार अहम घोषणाएं कीं। इनमें शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, डाइट संचालन हेतु नया भवन, जिला पंजीयन कार्यालय भवन तथा तातापानी महोत्सव के आयोजन के लिए हर साल 25 लाख रुपये की स्थायी सहायता शामिल है। ये फैसले Development Projects को स्थायित्व देने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
Development Projects के बीच सामूहिक विवाह का भावुक दृश्य
तीन दिवसीय महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 200 जोड़ों का सामूहिक विवाह भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजना भी Balrampur Development Projects का हिस्सा है।
संस्कृति, स्टॉल और स्थानीय पहचान
कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए 25 स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। पारंपरिक हस्तशिल्प, आदिवासी व्यंजन और स्थानीय नवाचारों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि विकास तभी पूर्ण होता है, जब स्थानीय पहचान को साथ लेकर चला जाए—यही Development Projects की आत्मा है।
Balrampur Development Projects से जिले को मिली नई दिशा
तातापानी महोत्सव के मंच से हुई घोषणाओं ने यह साफ कर दिया कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिला अब केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा। Balrampur Development Projects आने वाले समय में जिले की विकास गाथा लिखेंगे।


