सीजी भास्कर 16 जनवरी Income Tax Raid in Bilaspur : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार सुबह उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब आयकर विभाग की टीम सड़क निर्माण से जुड़े एक बड़े ठेकेदार के ठिकानों पर पहुंची। अधिकारियों ने पाराघाट टोल प्लाजा स्थित टोल ऑफिस में दस्तावेजों की जांच शुरू की और मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की।
तीन गाड़ियों में पहुंची आयकर टीम
जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग के अधिकारी तीन अलग-अलग वाहनों में पहुंचे। टीम ने कार्यालय में मौजूद कागजात, फाइलें और डिजिटल रिकॉर्ड को खंगालना शुरू किया। कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी गई है और किसी को भी अंदर-बाहर आने की अनुमति सीमित कर दी गई।
इंदौर में भी एक साथ कार्रवाई
इस कार्रवाई का दायरा केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहा। इंदौर में भी कंपनी से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर जांच की जा रही है। सपना-संगीता रोड स्थित कार्यालय और कंपनी के निदेशक के आवास पर दस्तावेजों की पड़ताल जारी है।
बड़े लेन-देन और टैक्स अनियमितता की आशंका
सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग को कंपनी के वित्तीय लेन-देन, टैक्स भुगतान और खातों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर विभाग ने एक साथ कई स्थानों पर जांच की योजना बनाई।
सुबह से शुरू हुई गहन जांच
शुक्रवार सुबह कार्रवाई शुरू होते ही टीम ने हार्डकॉपी दस्तावेजों के साथ-साथ कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डाटा को भी खंगालना शुरू किया। अधिकारियों का फोकस लेन-देन के स्रोत, खर्चों और टैक्स रिटर्न से जुड़े बिंदुओं पर है।
कई सेक्टरों में सक्रिय है कंपनी
बताया जा रहा है कि संबंधित कंपनी सड़क, राजमार्ग, पुल और भवन निर्माण के साथ-साथ रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) की सप्लाई, टोल कलेक्शन और आवासीय परियोजनाओं का संचालन करती है। देश के अलग-अलग राज्यों में कंपनी की मौजूदगी है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की पुरानी खिलाड़ी
कंपनी की स्थापना वर्ष 1986 में हुई थी। पहले यह प्राइवेट लिमिटेड के रूप में कार्यरत रही और बाद में पब्लिक लिमिटेड कंपनी में तब्दील हुई। बीते वर्षों में कंपनी ने कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम किया है।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी कार्रवाइयां
गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2025 में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में आयरन और स्टील कारोबार से जुड़े कई ठिकानों पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई हुई थी। उस दौरान करोड़ों रुपये की टैक्स अनियमितताओं की जांच की गई थी।
जांच के बाद हो सकता है बड़ा खुलासा
फिलहाल आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों के मिलान और डिजिटल डेटा के विश्लेषण में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मामला टैक्स गड़बड़ी का है या किसी बड़े वित्तीय अनियमितता का।


