सीजी भास्कर 16 जनवरी नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में Narayanpur Development Projects के तहत विकास कार्यों को नई गति मिली है। क्षेत्रीय प्रवास पर पहुंचे वनमंत्री एवं स्थानीय विधायक केदार कश्यप ने नवीन तुरपुरा, केशरपाल, सोरगांव और कोटगढ़ में विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं पर 3 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
सिंचाई को लेकर बड़ा कदम
नवीन तुरपुरा में सबसे बड़ी परियोजना के रूप में 2 करोड़ 95 लाख 28 हजार रुपये की लागत से जल संसाधन से जुड़े कार्यों का शुभारंभ किया गया। इसमें जलाशय बांध के ऊपर गिट्टी कार्य, नवीन स्लूस निर्माण, वेस्ट वियर तथा नहर लाइनिंग और आवश्यक स्ट्रक्चर शामिल हैं।
इन कार्यों के पूर्ण होने से Irrigation Development Bastar को बल मिलेगा और किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी सुविधा उपलब्ध होगी।
सड़क और पुलिया से सुधरेगा ग्रामीण संपर्क
क्षेत्र के विभिन्न गांवों में Rural Connectivity Works को प्राथमिकता देते हुए कई निर्माण कार्य शुरू किए गए।
मुण्डागुड़ा (कुम्हली) में रंगमंच निर्माण, केशरपाल में पहुंच मार्ग पर पुलिया, 226 मीटर सीसी सड़क, सोरगांव में आवासीय संपर्क सड़क तथा सोलेमेटा में सीसी रोड का लोकार्पण किया गया। इन कार्यों से ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही आसान होगी और गांवों का आपसी जुड़ाव मजबूत होगा।
पंचायत भवन से बढ़ेगी प्रशासनिक सुविधा
कोटगढ़ में 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन पंचायत भवन का भूमिपूजन भी किया गया। पंचायत भवन के निर्माण से स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में सुविधा मिलेगी और ग्रामीणों को योजनाओं से जुड़ी सेवाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। यह पहल Bastar Infrastructure Growth की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
जीवन स्तर सुधारने पर जोर
जनसभा को संबोधित करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि जलाशय, सड़क, पुलिया और पंचायत भवन जैसे कार्य केवल संरचनाएं नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की जरूरतें हैं। इनसे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि दुर्गम इलाकों में विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
अंतिम व्यक्ति तक विकास का संकल्प
वनमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाएं कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर हर परिवार तक पहुंच रही हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से बस्तर को प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जाया जाएगा।


