सीजी भास्कर, 16 जनवरी। भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी के सनसनीखेज बयान ने चयन प्रक्रिया, टीम मैनेजमेंट और कोच की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तिवारी का सीधा आरोप है कि (Rohit Sharma ODI Captaincy Controversy) के पीछे केवल चयन समिति नहीं, बल्कि टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की अहम भूमिका रही है।
मनोज तिवारी का कहना है कि रोहित शर्मा को वनडे कप्तानी से हटाने का फैसला अचानक नहीं था, बल्कि पर्दे के पीछे रणनीतिक दबाव के साथ इसे लागू किया गया। उन्होंने इशारों-इशारों में चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि इतना बड़ा फैसला किसी एक व्यक्ति का नहीं हो सकता।
कप्तानी बदलाव पर उठे सवाल
बीसीसीआई ने अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए जब टीम का ऐलान किया, तब रोहित शर्मा की जगह शुभमन गिल को कप्तान बनाया गया। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला था क्योंकि रोहित शर्मा न सिर्फ शानदार फॉर्म में थे, बल्कि 2027 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम को दिशा दे रहे थे। इसके बावजूद (Rohit Sharma ODI Captaincy Controversy) ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी।
मनोज तिवारी का मानना है कि यदि शुभमन गिल को भविष्य का कप्तान बनाना ही था, तो यह प्रक्रिया चरणबद्ध और सम्मानजनक होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारतीय टीम दो आईसीसी ट्रॉफी जीत चुकी है, जो उनके कप्तानी कौशल का स्पष्ट प्रमाण है।
‘पर्दे के पीछे कोच की भूमिका’
स्पोर्ट्स टुडे से बातचीत में तिवारी ने कहा, “अजीत अगरकर मजबूत व्यक्तित्व हैं, लेकिन इतना बड़ा निर्णय अकेले नहीं लिया जा सकता। पर्दे के पीछे कई इनपुट होते हैं और इसमें कोच की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।” इस बयान के बाद (Rohit Sharma ODI Captaincy Controversy) और गहराता नजर आ रहा है।
रोहित शर्मा का उत्साह हुआ कम
मनोज तिवारी ने यह भी दावा किया कि कप्तानी से हटाए जाने के बाद रोहित शर्मा के रवैये में बदलाव नजर आया है। उनके मुताबिक रोहित अब पहले जैसे एनिमेटेड नहीं दिखते और मैदान पर उनका उत्साह कम प्रतीत होता है। तिवारी ने कहा, “मैंने रोहित के साथ खेला है। उन्हें इस तरह हटाया जाना अपमानजनक था। इतने बड़े खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि रोहित शर्मा एक मंझे हुए कप्तान हैं और उन्हें हटाने के पीछे कोई ठोस क्रिकेटिंग लॉजिक नहीं दिखता। 2023 विश्व कप फाइनल का जिक्र करते हुए तिवारी ने कहा कि भारत वहां भी जीत सकता था और रोहित की क्षमता पर संदेह करना गलत है।
बीसीसीआई की चुप्पी, सोशल मीडिया में उबाल
अब तक इस पूरे विवाद पर बीसीसीआई, गौतम गंभीर या अजीत अगरकर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, मनोज तिवारी के बयान के बाद (Rohit Sharma ODI Captaincy Controversy) सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है। क्रिकेट प्रशंसक इस फैसले को लेकर दो धड़ों में बंट गए हैं। एक पक्ष बदलाव को भविष्य की तैयारी बता रहा है, तो दूसरा इसे रोहित शर्मा के साथ अन्याय करार दे रहा है।


