सीजी भास्कर, 16 जनवरी। देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Subsidy) के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। कंपनी के अंतर्गत आने वाले ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अब तक कुल 29 हजार 174 उपभोक्ता इस योजना में पंजीकृत हो चुके हैं। इन सभी उपभोक्ताओं के खातों में केंद्र सरकार द्वारा 227 करोड़ 39 लाख रुपये से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। यह उपलब्धि (PM Surya Ghar Yojana Subsidy) को लेकर योजना की प्रभावशीलता और पारदर्शिता को दर्शाती है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड और अधिकृत सोलर वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना कराएं। इससे न केवल तकनीकी गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को समय पर (PM Surya Ghar Yojana Subsidy) का लाभ भी मिल सकेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत वेंडर के माध्यम से संयंत्र लगवाने पर ही सब्सिडी प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो पाती है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक सब्सिडी संरचना तय की गई है। योजना के तहत एक किलोवॉट के सोलर संयंत्र की स्थापना पर 30 हजार रुपये, दो किलोवॉट के सोलर संयंत्र पर 60 हजार रुपये तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के सोलर संयंत्र लगाने पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस प्रकार (PM Surya Ghar Yojana Subsidy) आम उपभोक्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
योजना में शामिल होने के लिए इच्छुक उपभोक्ताओं को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। इसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की वेबसाइट, उपाय मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप चैटबॉट और टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि सही जानकारी और उचित प्रक्रिया अपनाने से (PM Surya Ghar Yojana Subsidy) प्राप्त करने में किसी प्रकार की देरी नहीं होती।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिलने के लिए कुछ आवश्यक बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उपभोक्ता का बैंक खाता, आधार कार्ड और बिजली बिल में दर्ज नाम एक समान होना चाहिए। नाम में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर सब्सिडी अटक सकती है। इसलिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी दस्तावेज सही और अपडेट हों, ताकि (PM Surya Ghar Yojana Subsidy) बिना किसी बाधा के सीधे खाते में पहुंच सके।
गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 के बाद प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे सभी रूफटॉप सोलर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं। ये स्मार्ट मीटर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एसओआर रेट पर उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रुपये तक की कमी आ रही है, जो (PM Surya Ghar Yojana Subsidy) के अतिरिक्त एक बड़ा लाभ माना जा रहा है।
कंपनी ने यह भी बताया कि जिन रूफटॉप सोलर प्लांटों में नेट मीटर के साथ मोडेम और सिम लगे होने के बावजूद डाटा कम्युनिकेशन की समस्या सामने आ रही है, उन मामलों में संबंधित सोलर वेंडरों को नोटिस जारी किए गए हैं। यदि इसके बाद भी डाटा कम्युनिकेशन स्थापित नहीं होता है, तो संबंधित वेंडर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कंपनी का कहना है कि योजना की सफलता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है और इससे (PM Surya Ghar Yojana Subsidy) का लाभ वास्तविक पात्र उपभोक्ताओं तक समय पर पहुंच सकेगा।


