लगातार घटती बैंक एफडी ब्याज दरों ने निवेशकों को दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है। जहां अधिकतर बैंक अब फिक्स्ड डिपॉजिट पर सीमित रिटर्न दे रहे हैं, वहीं (Post Office Investment Schemes) सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में तेजी से उभर रही हैं। निवेशक अब ऐसे साधनों की ओर झुक रहे हैं, जहां जोखिम कम हो और रिटर्न स्थिर बना रहे।
सुरक्षा की गारंटी बना सबसे बड़ा कारण
डाकघर की योजनाओं की सबसे बड़ी ताकत सरकारी गारंटी मानी जाती है। निवेशकों का मानना है कि (Post Office Investment Schemes) में लगाया गया पैसा न केवल सुरक्षित रहता है, बल्कि बाजार की उठापटक से भी प्रभावित नहीं होता। यही वजह है कि अस्थिर आर्थिक माहौल में लोग इन्हें भरोसेमंद विकल्प मान रहे हैं।
सीनियर सिटिजन और मासिक आय वालों की पहली पसंद
बुजुर्ग निवेशकों के बीच सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम सबसे लोकप्रिय बनी हुई है, जहां तिमाही आधार पर आकर्षक ब्याज मिलता है। वहीं, मंथली इनकम अकाउंट उन लोगों को राहत देता है, जिन्हें हर महीने तय आमदनी चाहिए। जानकारों के अनुसार (Post Office Investment Schemes) ने रिटायर्ड और लो-रिस्क निवेशकों के लिए स्थिर रास्ता खोल दिया है।
टैक्स बचत के साथ लंबी अवधि का फायदा
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट और पब्लिक प्रोविडेंट फंड जैसे विकल्प उन निवेशकों को पसंद आ रहे हैं, जो टैक्स प्लानिंग के साथ लंबी अवधि की सुरक्षा चाहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि (Post Office Investment Schemes) में टैक्स लाभ और कंपाउंडिंग का संतुलन इन्हें बैंक एफडी से अलग बनाता है।
महिलाओं और बच्चों के भविष्य पर फोकस
महिला सम्मान बचत पत्र और सुकन्या समृद्धि योजना ने महिलाओं और बेटियों के भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ाया है। खासकर सुकन्या योजना में मिलने वाला ऊंचा ब्याज इसे दीर्घकालीन निवेश के लिए मजबूत विकल्प बनाता है। (Post Office Investment Schemes) सामाजिक सुरक्षा के साथ आर्थिक स्थिरता को भी जोड़ती हैं।
निवेशकों के लिए क्यों बन रहीं स्मार्ट चॉइस
कम जोखिम, तय रिटर्न, सरकारी संरक्षण और समय-समय पर ब्याज दरों की समीक्षा—ये सभी कारण मिलकर (Post Office Investment Schemes) को मौजूदा दौर में बैंक एफडी से आगे ले जाते हैं। यही वजह है कि छोटे और मध्यम निवेशक तेजी से डाकघर की योजनाओं को अपना रहे हैं।




