नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि से जुड़े काम अब पहले जैसे उलझाऊ नहीं रहने वाले। (PF Withdrawal New Rules) के तहत सरकार ऐसी व्यवस्था लाने जा रही है, जिसमें पीएफ निकासी और ट्रांसफर जैसे काम लाइसेंसधारी एजेंट के जरिए पूरे हो सकेंगे। इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्हें बार-बार दफ्तरों और पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों से जूझना पड़ता है।
फॉर्म की गलती और KYC अड़चन होगी दूर
पीएफ क्लेम अटकने की सबसे बड़ी वजह फॉर्म में छोटी-सी गलती, केवाईसी मिसमैच या सिस्टम एरर मानी जाती है। ऑनलाइन सुविधा होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग इन प्रक्रियाओं को खुद से पूरा नहीं कर पाते। (PF Withdrawal New Rules) के जरिए सरकार इन व्यावहारिक दिक्कतों को कम करने की दिशा में कदम उठा रही है।
टैक्स कंसल्टेंट की तरह काम करेंगे एजेंट
नई व्यवस्था के तहत (Licensed EPFO Agents) नियुक्त किए जाएंगे, जो पूरी तरह अधिकृत होंगे। जैसे आयकर या जीएसटी के लिए प्रोफेशनल की सेवाएं ली जाती हैं, वैसे ही ये एजेंट पीएफ से जुड़े कामों में मदद करेंगे। प्रस्ताव को श्रम मंत्रालय की मंजूरी मिल चुकी है और ईपीएफओ की आगामी बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
चयन से पहले सख्त जांच और ट्रेनिंग
इन एजेंटों के चयन के लिए स्पष्ट और कड़े मानदंड तय किए जाएंगे। लाइसेंस मिलने से पहले उन्हें ईपीएफओ की प्रक्रियाओं, नियमों और डिजिटल सिस्टम की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद ही (Licensed EPFO Agents) पीएफ निकासी, ट्रांसफर और पुरानी सर्विस मर्ज जैसे काम संभाल सकेंगे।
मामूली शुल्क पर मिलेगी सुविधा
सरकार की योजना के अनुसार एजेंट एक तय सुविधा शुल्क लेकर सेवाएं देंगे। ईपीएफओ की ओर से इन्हें कोई वेतन नहीं दिया जाएगा। खाताधारक सीधे एजेंट को भुगतान करेंगे। (EPFO Digital Services) का यह मॉडल खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, जो डिजिटल प्रक्रियाओं से सहज नहीं हैं या समय की कमी से जूझते हैं।
UPI और ATM से पीएफ निकासी की तैयारी
तकनीकी मोर्चे पर भी बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। (EPFO Digital Services) के तहत पीएफ खातों को यूपीआई से जोड़ने पर काम हो रहा है, जिससे निकासी प्रक्रिया और तेज हो सके। भविष्य में एटीएम के जरिए पीएफ राशि निकालने की सुविधा पर भी विचार किया जा रहा है।
पारदर्शिता और भरोसे की नई दिशा
कुल मिलाकर, (PF Withdrawal New Rules) से पीएफ से जुड़े काम अधिक पारदर्शी, तेज और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनने की उम्मीद है। यह पहल उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत साबित हो सकती है, जो वर्षों से पीएफ प्रक्रिया को लेकर असमंजस और देरी का सामना करते आ रहे हैं।




