सीजी भास्कर 18 जनवरी छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर नियामक सख्ती तेज हो गई है। (RERA Property Crackdown) के तहत रेरा ने साफ कर दिया है कि बिना पंजीयन फ्लैट, प्लॉट, मकान या बंगले की बिक्री पूरी तरह अवैध है। इसके बावजूद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहे लुभावने विज्ञापनों को लेकर रेरा को लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जांच शुरू की गई है।
फेसबुक-इंस्टाग्राम बने निशाने पर
रेरा अधिकारियों के अनुसार कई बिल्डर और प्रॉपर्टी एजेंट फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर बिना अनुमति प्रॉपर्टी का प्रचार कर रहे हैं। (Social Media Property Ads) के जरिए आम लोगों को आकर्षित कर सौदे किए जा रहे हैं, जिससे बाद में खरीदार कानूनी उलझनों में फंस जाते हैं।
निर्माण शुरू करना भी अपराध
रेरा ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल बिक्री ही नहीं, बल्कि बिना रेरा पंजीयन किसी भी साइट पर निर्माण शुरू करना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। (RERA Registration Rule) के उल्लंघन पर न केवल जांच की जा रही है, बल्कि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
टीसीपी मंजूरी भी नहीं देगी राहत
ऐसे प्रोजेक्ट्स, जिन्हें टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से मंजूरी मिली है लेकिन रेरा में पंजीकरण नहीं कराया गया, उन्हें भी रियायत नहीं मिलेगी। रेरा ने इन सभी परियोजनाओं के संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
7 साल में 136 प्रोजेक्ट्स जांच के दायरे में
रेरा की रजिस्ट्रार आस्था राजपूत के अनुसार पिछले सात वर्षों में 136 प्रोजेक्ट्स को स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच में लिया गया। जांच में अनियमितता पाए जाने पर भारी जुर्माना लगाया गया, साथ ही कई संपत्तियों की खरीदी-बिक्री पर रोक भी लगाई गई।
106 बिल्डर रडार पर
अधिकारियों ने बताया कि अब तक 106 ऐसे प्रोजेक्ट्स की पहचान की गई है, जिन्होंने बिना रेरा पंजीयन के निर्माण या बिक्री शुरू कर दी थी। (Blacklisting Builders) प्रक्रिया के तहत इन बिल्डरों को ब्लैकलिस्ट करने और उनका पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है।
खरीद से पहले करें रेरा जांच
रेरा ने आम नागरिकों से अपील की है कि फ्लैट, प्लॉट, मकान या बंगला खरीदने से पहले रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित प्रोजेक्ट का पंजीयन जरूर जांच लें। एक छोटी सी लापरवाही भविष्य में बड़ा नुकसान करा सकती है।
3 साल की जेल और जुर्माना
रेरा कानून के तहत बिल्डर, जमीन मालिक, प्रॉपर्टी डीलर और एजेंट के लिए पंजीयन अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर तीन साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। हाल ही में बिना पंजीकरण प्लॉटिंग और विज्ञापन करने पर दो जमीन मालिकों पर जुर्माना लगाया गया है।
खरीदारों की सुरक्षा पर जोर
कुल मिलाकर रेरा की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो सोशल मीडिया के भरोसे प्रॉपर्टी खरीदने का फैसला करते हैं। नियामक एजेंसी का फोकस अब साफ है—खरीदारों की सुरक्षा और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता।




