सीजी भास्कर, 20 जनवरी | महासमुंद जिले में Cannabis Seizure Mahasamund के तहत सोमवार को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। कोमाखान थाना क्षेत्र में रोके गए एक ट्रक से बोरियों में छिपाकर रखा गया 950 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 75 लाख रुपये आंकी गई है।
ओडिशा से महाराष्ट्र तक सप्लाई चेन पर चोट
जांच में सामने आया कि यह खेप ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी। तस्करों ने महाराष्ट्र पासिंग ट्रक के जरिए जालना तक माल पहुंचाने की योजना बनाई थी, लेकिन चेकिंग प्वाइंट पर सतर्कता ने उनकी चाल नाकाम कर दी।
बोरियों में छिपा था 950 किलो गांजा
तलाशी के दौरान ट्रक में रखी बोरियों से गांजा बरामद हुआ। प्राथमिक आकलन में जब्त मात्रा 950 किलो पाई गई। मौके पर ही दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई।
दो आरोपी गिरफ्तार, जालना के निवासी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अक्षय भोरजे (26) और शुभम आउटे (24) के रूप में हुई है, दोनों महाराष्ट्र के जालना जिले के रहने वाले बताए गए। ट्रक के साथ-साथ दो मोबाइल फोन और 4,050 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
ट्रक की कीमत भी जब्ती में शामिल
पुलिस के अनुसार, जिस ट्रक में गांजा ले जाया जा रहा था उसकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये है। वाहन और मादक पदार्थ दोनों को विधिवत जब्त कर लिया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
12 दिन में दूसरी बड़ी खेप, रूट पर सख्ती
गौरतलब है कि 12 दिन पहले इसी जिले में एम्बुलेंस से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा पकड़ा गया था, जिसकी कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई थी। लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई से साफ है कि महासमुंद रूट पर निगरानी कड़ी की गई है।
अंदरूनी रास्तों से बचने की कोशिश नाकाम
जांच एजेंसियों का कहना है कि तस्कर पुलिस से बचने के लिए अंदरूनी मार्गों का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन सूचना तंत्र और संयुक्त चेकिंग के कारण नेटवर्क पर प्रहार संभव हो सका। आगे की पूछताछ में सप्लाई चेन से जुड़े अन्य नामों के सामने आने की संभावना है।
पूछताछ जारी, नेटवर्क खंगालने पर जोर
अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। लक्ष्य केवल खेप नहीं, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचना है—ताकि स्रोत से लेकर डिलीवरी पॉइंट तक की कड़ी टूटे।




