सीजी भास्कर, 20 जनवरी | Chhattisgarh Weather Update : छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। बीते कुछ दिनों की हल्की राहत के बाद अब ठंड दोबारा असर दिखाएगी। मौसम के ताज़ा संकेत बताते हैं कि अगले दो दिनों तक रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी, लेकिन इसके तुरंत बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह बदलाव खासतौर पर सुबह और रात की ठंड को और तेज करेगा।
दुर्ग-राजनांदगांव में दिन गर्म
प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन के तापमान में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं देखा जा रहा है। दुर्ग और राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि धूप तेज है, लेकिन हवा में मौजूद ठंडक की वजह से शाम ढलते ही मौसम ठंडा महसूस होने लगता है।
उत्तरी इलाकों में शीतलहर की आशंका
उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। बीते 24 घंटों में दुर्ग संभाग के एक-दो क्षेत्रों में ठंडी हवाओं का असर देखा गया। वहीं प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जो आने वाले दिनों में और नीचे जा सकता है।
तीन सिस्टम कर रहे हैं मौसम को प्रभावित
मौसम में इस उतार-चढ़ाव के पीछे तीन बड़े सिस्टम सक्रिय हैं। पहला, दक्षिण पाकिस्तान के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन, जो हवाओं में हलचल पैदा कर रहा है। दूसरा, ऊपरी और मध्य वायुमंडल में बना ट्रफ, जो पहाड़ी इलाकों से ठंडी हवाओं को मैदानों की ओर ला रहा है। तीसरा, ऊंचाई पर बहने वाली तेज रफ्तार हवाएं, जो उत्तर भारत की ठंड को मध्य भारत और छत्तीसगढ़ तक पहुंचा रही हैं।
बारिश नहीं, सिर्फ ठंड का असर
इन सभी सिस्टम्स का असर सिर्फ तापमान पर दिखेगा। प्रदेश में बारिश के कोई संकेत नहीं हैं। दिन के समय धूप बनी रहेगी, लेकिन रात और सुबह के वक्त ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा। खासतौर पर खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ सकती है।
बच्चों की सेहत पर बढ़ा खतरा
ठंड का सीधा असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। पिछले एक महीने में राजधानी और आसपास के इलाकों में हाइपोथर्मिया के सैकड़ों मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, नवजात और छोटे बच्चों का शरीर जल्दी ठंडा हो जाता है। खासकर सिजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में ठंड से जुड़ी समस्याओं का खतरा अधिक रहता है।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्म कपड़ों की जरूरत और बढ़ेगी। सुबह-शाम बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बदलते मौसम के बीच सतर्कता ही सबसे सुरक्षित उपाय है।




