सीजी भास्कर, 20 जनवरी | Extortion Allegation Against ASP : बिलासपुर में एक स्पा संचालक द्वारा पूर्व एडिशनल एसपी पर डराने-धमकाने और पैसों की मांग के आरोप सामने आते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। शिकायत के साथ वायरल वीडियो, कथित ऑडियो-वीडियो क्लिप और स्क्रीनशॉट भी सौंपे गए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च स्तर पर संज्ञान लिया गया है।
स्पा से जुड़ा विवाद, सबूतों का दावा
शिकायत के मुताबिक, सिविल लाइन क्षेत्र में संचालित वेलनेस स्पा के संचालक ने लिखित आवेदन देकर बताया कि उसे लगातार दबाव में लिया जा रहा था। उसने दावा किया कि व्हाट्सएप कॉलिंग के स्क्रीनशॉट और एक वीडियो में कथित तौर पर बातचीत रिकॉर्ड है, जो इस समय सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
मानसिक दबाव का आरोप, स्टिंग का जिक्र
शिकायतकर्ता का कहना है कि कथित धमकियों के चलते वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था। इसी दौरान उसने बातचीत रिकॉर्ड की, जिसे वह स्टिंग बता रहा है। उसके अनुसार, दबाव बढ़ने पर उसने मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का फैसला किया, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।
IG के निर्देश, SSP करेंगे जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज स्तर पर जांच के आदेश जारी किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि वे वायरल वीडियो, ऑडियो सामग्री और शिकायत में दर्ज तथ्यों की बिंदुवार पड़ताल करें और तय समयसीमा में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
ASP का जवाब, साजिश का आरोप
वर्तमान में जीपीएम में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो पुराना है और उस समय का है जब वे बिलासपुर में पदस्थ थे। उनके अनुसार, संबंधित व्यक्ति किसी एफआईआर के सिलसिले में उनके कार्यालय आया था और बातचीत के दौरान अभद्र टिप्पणी करने पर उसे फटकार लगाई गई, जिसे गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।
‘पैसों की मांग नहीं’, जांच के लिए तैयार
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी तरह की अवैध मांग नहीं की और न ही कोई दबाव बनाया। उनका कहना है कि वीडियो का उद्देश्य उनकी व्यक्तिगत छवि और पुलिस विभाग की साख को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि वे हर स्तर की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और सच्चाई सामने आने का भरोसा रखते हैं।




