सीजी भास्कर, 20 जनवरी। धान उपार्जन केन्द्र केना (Dhan Uparjan Kendra Kena) में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत की गई संयुक्त जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। महासमुंद जिले के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली के आदेशानुसार गठित संयुक्त जांच टीम द्वारा 18 जनवरी 2026 को केंद्र का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें भारी मात्रा में धान एवं बारदाना की कमी पाई गई। जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि धान उपार्जन केन्द्र केना में दर्ज आंकड़ों और मौके की वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है, जिससे शासन को लाखों रुपये की क्षति हुई है।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार ऑनलाइन रिकॉर्ड में जहां 29,628 नग बारदाना, जिसमें 11,851.20 क्विंटल धान दर्ज था, वहीं भौतिक सत्यापन के दौरान केवल 25,615 नग बारदाना में 10,246 क्विंटल धान ही पाया गया। इस तरह कुल 4,013 नग बारदाना, यानी 1,605.20 क्विंटल धान की कमी सामने आई। इस कमी की अनुमानित राशि 49,76,120 रुपये आंकी गई है। यह पूरा मामला धान उपार्जन केन्द्र केना (Dhan Uparjan Kendra Kena) में लापरवाही और अनियमितता की ओर इशारा करता है।
जांच में यह भी पाया गया कि धान उपार्जन में उपयोग किए गए नए और पुराने बारदाने में भी गड़बड़ी की गई। जांच टीम के अनुसार 2007 नग नया बारदाना, जिसकी कीमत 15,654.60 रुपये है, और 2006 नग पुराना बारदाना, जिसकी कीमत 50,150 रुपये बताई गई, का उपयोग अनियमित रूप से किया गया। इन सभी तथ्यों को जोड़ने पर शासन को कुल 50,41,924.60 रुपये की क्षति होने की पुष्टि हुई है। यह अनियमितता धान उपार्जन केन्द्र केना (Dhan Uparjan Kendra Kena) के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
संयुक्त जांच टीम ने मौके पर रखे धान के स्टेकों का रेंडम तौल भी किया, जिसमें बोरी का वजन निर्धारित मानक से कम पाया गया। जांच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार संबंधित प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इसके बाद अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
तत्पश्चात कार्यालय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला महासमुंद के आदेश के आधार पर शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर, शाखा तोरेसिंहा द्वारा थाना प्रभारी सरायपाली को लिखित आवेदन सौंपा गया। इसके आधार पर धान उपार्जन केन्द्र केना (Dhan Uparjan Kendra Kena) के प्रभारी गोपाल नायक, निवासी ग्राम इच्छापुर, के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।




