सीजी भास्कर, 21 जनवरी | बिलासपुर में सामने आए एक वायरल वीडियो ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। Bilaspur ASP Sting Case से जुड़े इस मामले में स्पा सेंटर संचालक और तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के बीच कथित बातचीत सार्वजनिक होने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है।
ऑफिस में हुई बातचीत कैमरे में कैद
वायरल क्लिप में दिखता है कि एक स्पा सेंटर संचालक और एक निजी मॉल से जुड़े व्यक्ति, तत्कालीन एडिशनल एसपी के कार्यालय में पहुंचते हैं। बातचीत के दौरान “कमिटमेंट पूरी करने” और “टीम भेजने” जैसे शब्द सामने आते हैं, जिनका अर्थ कारोबारी दबाव के रूप में निकाला जा रहा है।
रेड की चेतावनी और काम बंद करने की बात
वीडियो में अधिकारी यह कहते सुनाई देते हैं कि यदि तय बात पूरी नहीं हुई, तो कार्रवाई की जाएगी। जवाब में स्पा संचालक काम जारी रखने की बात करता है। इसी संवाद को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह प्रशासनिक चेतावनी थी या किसी और तरह का दबाव।
स्पा संचालक के गंभीर आरोप
स्पा सेंटर संचालक का दावा है कि वह पहले भी नियमित रूप से भुगतान करता रहा है। उसके अनुसार, हर महीने एक तय राशि दी जाती थी और बाद में रकम बढ़ाने का दबाव बनाया गया। कारोबारी ने आरोप लगाया कि भुगतान न होने की स्थिति में बदनाम करने और बिजनेस ठप करने की धमकी दी गई।
लिखित शिकायत से खुला मामला
घटना के कुछ दिन बाद स्पा संचालक ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में कहा गया कि जांच और चेकिंग के नाम पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। कारोबारी का कहना है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उसने बातचीत रिकॉर्ड की।
पहले हुई थी स्पा सेंटरों की कार्रवाई
इस पूरे विवाद से पहले शहर में कई स्पा सेंटरों पर संयुक्त कार्रवाई की गई थी। जांच के दौरान कुछ अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए। इसी कार्रवाई के बाद यह विवाद और गहराता चला गया।
अफसर ने आरोपों को बताया साजिश
विवाद में घिरे अधिकारी का कहना है कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। उन्होंने इसे छवि खराब करने की कोशिश बताया है। अधिकारी वर्तमान में दूसरे जिले में पदस्थ हैं और सभी आरोपों से इनकार कर चुके हैं।
IG ने SSP को सौंपी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। पूरे प्रकरण की जांच एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है, जिन्हें तय समयसीमा में रिपोर्ट सौंपनी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बातचीत प्रशासनिक चेतावनी थी या किसी अनैतिक दबाव का हिस्सा।
जांच रिपोर्ट पर टिकी अगली कार्रवाई
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है। वायरल वीडियो, लिखित शिकायत और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति साफ होने की उम्मीद है।




