सीजी भास्कर, 21 जनवरी | बिलासपुर जिले के एक शासकीय स्कूल से सामने आए गंभीर मामले में शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। Teacher Suspension Case के तहत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भरारी में पदस्थ महिला शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला बिल्हा विकासखंड से जुड़ा हुआ है, जहां बच्चों के साथ मारपीट की शिकायत सामने आई थी।
जांच में सही पाए गए आरोप
शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित शिक्षिका पर लगाए गए आरोप तथ्यात्मक हैं। Teacher Suspension Case की जांच के दौरान सामने आया कि छात्रों के साथ शारीरिक दंड का प्रयोग किया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
प्लास्टिक और लोहे के पाइप से मारपीट का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षिका द्वारा छात्रों की पिटाई प्लास्टिक और लोहे के पाइप से की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सामान्य अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं माना गया। Teacher Suspension Case में इस पहलू को सबसे गंभीर आधार माना गया।
शिक्षिका ने स्वीकार की गलती
जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित शिक्षिका ने छात्रों की पिटाई की बात स्वीकार की। विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज इस स्वीकारोक्ति के बाद कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया। Teacher Suspension Case में यह स्वीकारोक्ति निर्णायक बिंदु बनी।
संयुक्त संचालक ने जारी किया निलंबन आदेश
डीईओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा ने तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया। आदेश के अनुसार, शिक्षिका को आगे की विभागीय जांच तक कार्य से अलग रखा गया है। Teacher Suspension Case में यह कार्रवाई उदाहरण के तौर पर देखी जा रही है।
शिक्षा विभाग का स्पष्ट संदेश
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि Teacher Suspension Case जैसे मामलों में भविष्य में भी सख्त और त्वरित कदम उठाए जाएंगे, ताकि स्कूलों में सुरक्षित माहौल बना रहे।




