सीजी भास्कर, 21 जनवरी | Bone Ashes Property Dispute: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों और संवेदनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दो मासूम बच्चे हाथों में खाली अस्थि कलश लेकर थाने पहुंचे और पुलिस से गुहार लगाई कि उनकी मां और बुआ ने संपत्ति के लालच में उनके पिता की अस्थियां चुरा ली हैं।
अंतिम संस्कार के बाद भी नहीं थमा विवाद
बच्चों का आरोप है कि पिता के निधन के बाद जब अस्थि संचय कर धार्मिक रीति पूरी की जानी थी, तभी उनकी मां और बुआ ने मुक्तिधाम पहुंचकर चिता से अस्थियां उठाईं और अपने साथ ले गईं। बच्चों का कहना है कि अस्थियों का विसर्जन रोकना सिर्फ धार्मिक आस्था का अपमान नहीं, बल्कि गहरा मानसिक आघात भी है।
परिवार की पृष्ठभूमि और टूटा हुआ घर
भारतीय नगर निवासी आलोक ठाकरे ठेकेदारी का कार्य करते थे। उनकी बहन ज्योति पांडेय ने अंतरजातीय विवाह किया था, जबकि पत्नी खुशबू उर्फ अन्नू ठाकुर पिछले दो-तीन वर्षों से पति और बच्चों को छोड़कर अलग रह रही थी। इस दौरान आलोक ही अपने दोनों बच्चों की परवरिश कर रहे थे।
पिता की मौत, बेटे ने निभाया बेटा होने का फर्ज
15 जनवरी को आलोक ठाकरे के निधन के बाद 12 वर्षीय बेटे प्रथमेश ने मोहल्ले के लोगों और केयर टेकर की मदद से भारतीय नगर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कराया। उस समय परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। बच्चे ने पिता के संस्कार पूरे किए, लेकिन नियति ने आगे और पीड़ा लिख रखी थी।
अस्थि संचय से पहले ही खाली हो गई चिता
17 जनवरी को जब अस्थि संचय के लिए बच्चे और मोहल्लेवाले मुक्तिधाम पहुंचे, तो चिता से अस्थियां गायब मिलीं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें मृतक की पत्नी और बहन को अस्थियां उठाकर ले जाते हुए देखा गया।
गंगा विसर्जन की गुहार भी ठुकराई
बच्चों ने अपनी मां से अस्थियां लौटाने की विनती की, ताकि वे अंतिम धार्मिक क्रिया पूरी कर सकें, लेकिन उन्हें साफ इनकार कर दिया गया। आरोप है कि अस्थियां संपत्ति विवाद में दबाव बनाने के लिए रोकी गई हैं।
बच्चों का आरोप— अब सिर्फ जायदाद की चिंता
बच्चों ने पुलिस को बताया कि उनकी मां लंबे समय से उनसे दूर थी और पिता ही उनका सहारा थे। पिता की मृत्यु के बाद अचानक मां और बुआ का लौटना और अस्थियों पर कब्जा करना, उनके अनुसार केवल संपत्ति और पैसों के लालच से जुड़ा है।
मां-बुआ पर कार्रवाई की मांग
मासूम बच्चों ने अपने संरक्षक के साथ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने धार्मिक कार्य में बाधा डालने, अस्थियां चोरी करने और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों में मां और बुआ पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच के भरोसे अब इंसाफ
पुलिस का कहना है कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। मुक्तिधाम के सीसीटीवी फुटेज, बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




