सीजी भास्कर, 22 जनवरी। कुछ घंटे पहले तक उम्मीद बाकी थी। नदी के किनारे खड़े लोग हर गुजरती लहर के साथ किसी चमत्कार की आस लगाए (Chhattisgarh Boat Capsized) हुए थे, लेकिन जब रेस्क्यू टीम वापस लौटी तो माहौल अचानक सन्नाटे में बदल गया। इंद्रावती ने जो दृश्य सौंपा, उसने हर आंख को नम कर दिया।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत उसपरी झिल्ली घाट पर हुए नाव हादसे के करीब 18 घंटे बाद रेस्क्यू टीम को बड़ी सफलता तो मिली, लेकिन यह सफलता दर्द से भरी रही। इंद्रावती नदी में पलटी नाव के बाद लापता मां और उसकी दुधमुंही बेटी के शव करीब 500 मीटर दूर बरामद किए गए। सबसे मार्मिक दृश्य यह था कि मासूम बच्ची अपनी मां के साथ टावेल से बंधी हुई मिली, मानो आखिरी पल तक मां ने उसे बचाने की कोशिश की हो।
यह हादसा 21 जनवरी की शाम करीब 5 बजे हुआ, जब बोड़गा गांव का एक परिवार बाजार से लौटते वक्त नदी पार कर रहा था। नाव में कुल पांच लोग (Chhattisgarh Boat Capsized) सवार थे। अचानक संतुलन बिगड़ने से नाव तेज बहाव में पलट गई और चार लोग पानी में बह गए। एक महिला को स्थानीय ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकाल लिया, लेकिन बाकी लोग लापता हो गए थे।
रेस्क्यू अभियान में देरी ने परिजनों की बेचैनी और बढ़ा दी। बताया गया कि नदी जिला मुख्यालय से काफी दूर होने के कारण नगर सेना की मोटरबोट तकनीकी खराबी से देर से घाट तक पहुंची। इसके बाद सुबह से सघन तलाश शुरू की गई, जिसमें मां-बेटी का शव बरामद किया गया। पिता और एक अन्य बच्चे की तलाश अब भी जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। स्थानीय विधायक भी घाट (Chhattisgarh Boat Capsized) पहुंचे और अधिकारियों से लगातार अपडेट लेते रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई उसी सवाल से जूझ रहा है – क्या समय पर मदद मिलती, तो तस्वीर कुछ और होती?




