सीजी भास्कर, 22 जनवरी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में आरोपी को दोषी ठहराते (Rape In Raigarh) हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपी कार्तिक जायसवाल (25 वर्ष) ने शादी का झांसा देकर 16 वर्षीय नाबालिग के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ने 7 दिसंबर 2024 को खरसिया थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि मोहल्ले में रहने वाला कार्तिक जायसवाल पिछले दो वर्षों से उसे पसंद करने और शादी करने की बात कहता था। जुलाई 2024 की एक रात आरोपी ने बहला-फुसलाकर उसे अपने पुराने घर बुलाया, जहां शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
घटना के बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ कोरबा (Rape In Raigarh) चली गई थी, लेकिन वहां भी आरोपी पहुंचा और माता-पिता की गैरमौजूदगी में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। इस दौरान नाबालिग पांच महीने की गर्भवती हो गई।
जब पीड़िता ने आरोपी से शादी की बात कही, तो उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों के साथ मिलकर पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
मामले की सुनवाई एफटीएससी (पॉक्सो) न्यायालय में हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार (Rape In Raigarh) दिया। अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश भी दिए गए हैं।
इस प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग के खिलाफ इस तरह के अपराध समाज के लिए बेहद गंभीर हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड जरूरी है।




