सीजी भास्कर 22 जनवरी Hasdeo Save Protest: हसदेव क्षेत्र से जुड़े आंदोलन में स्कूली छात्रों की मौजूदगी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। सूरजपुर जिले में जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा ने एक पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
आंदोलन में छात्रों की भूमिका
बीते दिनों हसदेव संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटे थे। इसी दौरान रामानुज नगर विकासखंड के गणेशपुर स्थित शासकीय विद्यालय के कुछ छात्र भी कार्यक्रम स्थल पर नजर आए। छात्रों द्वारा एक राजनीतिक नेता का स्वागत किए जाने और नारेबाजी के दृश्य सार्वजनिक होने के बाद मामला चर्चा में आया।
स्कूल समय में गतिविधि पर सवाल
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और पूर्व माध्यमिक शाला गणेशपुर के छात्र-छात्राएं स्कूल समय के दौरान सड़क पर मौजूद थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि छात्रों ने सार्वजनिक रूप से नारे लगाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ।
जिम्मेदारी तय
मामले की गंभीरता को देखते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी से प्रतिवेदन मांगा गया। जांच में संस्था के प्राचार्य, एक व्याख्याता और पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक की भूमिका संदिग्ध पाई गई। विभाग का मानना है कि शैक्षणिक समय में इस तरह की गतिविधियां सेवा आचरण नियमों के अनुरूप नहीं हैं।
नियमों के उल्लंघन का आरोप
जांच प्रतिवेदन में कहा गया कि संबंधित अधिकारियों का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत है। इसी आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा ने तत्काल प्रभाव से प्रधान पाठक के निलंबन का आदेश जारी किया।
शिक्षा विभाग के स्तर पर स्पष्ट किया गया है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की निष्पक्षता और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनाए रखना प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में आगे भी सतत निगरानी रखी जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।


