सीजी भास्कर, 22 जनवरी | Forest Checkpost Illegal Collection : वन विभाग से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। लकड़ी कटाई और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़े मामलों की जांच अभी जारी ही है कि बालोद जिले से एक और गंभीर मामला सामने आया है। आमाडुला मार्ग पर तालगांव के पास लगाए गए हाईटेक बेरियर पर चेकिंग की आड़ में खुलेआम अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगे हैं।
एक्सक्लूसिव वीडियो से खुलासा
सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बेरियर पर तैनात प्रभारी वाहनों को रोककर दस्तावेज जांचते हैं और फिर बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के नकद राशि वसूलते हैं। इस बेरियर का उद्देश्य वनोपज और अवैध परिवहन पर निगरानी बताया गया था, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है ।
बिना रसीद, बिना रिकॉर्ड
वीडियो फुटेज में गिट्टी से लदी गाड़ियों से प्रति वाहन 100 रुपये लेते हुए दिखाया गया है। न तो कोई रसीद दी जाती है और न ही बेरियर रजिस्टर में इन वाहनों की विधिवत एंट्री होती है। दो गाड़ियों से पैसे लेकर उन्हें आगे बढ़ा दिया जाता है, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं (Illegal Collection Forest Department)।
सैकड़ों गाड़ियां रोज़ गुजरती हैं
स्थानीय जानकारी के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन गिट्टी, रेत, मुरुम, ईंट, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री से भरी सैकड़ों गाड़ियां गुजरती हैं। अगर प्रत्येक वाहन से मामूली रकम भी ली जाए, तो रोज़ाना हजारों रुपये की अवैध वसूली की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
यह बेरियर जिला मुख्यालय से ज्यादा दूर नहीं है। पास में वन विभाग की नर्सरी होने के कारण अधिकारियों का नियमित आवागमन भी रहता है। इसके बावजूद लंबे समय से कथित वसूली पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है ।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित एसडीओ ने कहा है कि शिकायत और सामने आए तथ्यों की जांच की जाएगी। नियमों के विरुद्ध कार्य पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। फिलहाल जांच का भरोसा दिलाया गया है।


