सीजी भास्कर, 22 जनवरी। जब मेहनत और गुणवत्ता एक साथ सामने आती है, तो उसका असर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं (Bihan Products Market Response) रहता। कुछ ऐसा ही नजारा उस मंच पर देखने को मिला, जहां महिला समूहों ने अपने उत्पादों के जरिए यह साबित कर दिया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।
नया रायपुर में सजी बाजार और महिला उद्यमिता की तस्वीर
यह सकारात्मक तस्वीर राजधानी नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय बायर-सेलर मीट 2026 में देखने को मिली। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 20 और 21 जनवरी को आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के बिहान महिला समूहों और महिला-नेतृत्व वाले एफपीओ को खरीददारों से जबरदस्त प्रतिसाद मिला।
खरीदारों ने सराहा गुणवत्ता, बड़ी सप्लाई डील पर बनी सहमति
राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों से आए खरीददारों ने बिहान समूहों के उत्पादों की न केवल सराहना (Bihan Products Market Response) की, बल्कि 11 अलग-अलग उत्पादों की सप्लाई के लिए 2 लाख 13 हजार मीट्रिक टन की बड़ी डील भी फाइनल की। यह सहमति महिला समूहों के लिए बाजार में स्थायी पहचान बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
जैविक चावल से तिखूर तक, विविध उत्पादों ने खींचा ध्यान
खरीददारों की विशेष रुचि जैविक चावल की किस्मों विष्णु भोग, देवभोग, जवाफूल और जीराफूल में देखने को मिली। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के मसाले, चना दाल बेसन, उड़द दाल, कोदो-कुटकी और तिखूर जैसे उत्पाद भी डिमांड में रहे।
सीधे संवाद से बनी आर्डर-सप्लाई की राह
राज्य स्तरीय बायर-सेलर मीट के दौरान महिला समूहों ने अपने उत्पादों की मात्रा, गुणवत्ता और पैकेजिंग को लेकर विस्तृत जानकारी दी। वहीं खरीददारों ने अपनी जरूरतों और मांग को स्पष्ट किया। इस सीधे संवाद से आर्डर और सप्लाई को लेकर कई व्यावहारिक सहमतियां बनीं।
महिला समूहों के आत्मविश्वास को मिला नया बल
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, एएफसी इंडिया लिमिटेड और प्रदान संस्था के सहयोग से आयोजित यह व्यावसायिक संवाद महिला समूहों के लिए बेहद उत्साहजनक साबित हुआ। इससे न केवल उत्पादन बढ़ाने का भरोसा जगा, बल्कि बाजार की समझ भी और मजबूत हुई।
पैकेजिंग और नवाचार की हुई सराहना
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह ने सभी जिलों से आए महिला स्व-सहायता समूहों और एफपीओ के स्टॉलों का अवलोकन (Bihan Products Market Response) किया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि महिला समूह अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाजार की मांग को समझकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार की तैयारी
प्रमुख सचिव ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में महिला समूहों के उत्पादों की मात्रा और गुणवत्ता दोनों को और बेहतर किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग को पूरा किया जा सके।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर
बिहान मिशन के संचालक अश्विनी देवांगन ने कहा कि बायर-सेलर मीट 2026 महिला एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों के लिए ऐतिहासिक अवसर साबित हुआ है। खरीदारों से सीधे संवाद के जरिए उन्हें वास्तविक और टिकाऊ बाजार उपलब्ध हुआ है, जो महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है।




