सीजी भास्कर, 22 जनवरी। शुरुआत बड़ी चुपचाप हुई थी। मुनाफे की बातें थीं, विदेशी साझेदारी का भरोसा था और भविष्य को सुरक्षित बनाने के दावे थे, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि यही कहानी आगे चलकर करोड़ों की ठगी में बदल जाएगी। रायपुर में सामने आए इस मामले ने कारोबारियों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।
यह पूरा मामला रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा (Tanzania Gold Mine Scam) है। मोतीबाग इलाके में रहने वाले दो कारोबारियों को वर्ष 2024 में एक व्यक्ति ने संपर्क कर खुद को अफ्रीकी देश तंजानिया में गोल्ड माइन से जुड़ा प्रभावशाली कारोबारी बताया। उसने खनन व्यवसाय में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव रखा और दावा किया कि यह निवेश बेहद सुरक्षित और लाभदायक है।
आरोपी ने अपनी बातों को पुख्ता दिखाने के लिए ऑनलाइन मीटिंग, ई-मेल और कुछ दस्तावेज भी साझा किए। इसके बाद दोनों कारोबारियों को तंजानिया बुलाया गया, जहां उन्हें एक कथित सोने की खदान दिखाई गई। मौके पर मौजूद व्यवस्थाएं और प्रस्तुत कागजात देखकर निवेशकों को यह यकीन हो गया कि वे किसी असली और बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने जा रहे हैं।
इसी भरोसे के आधार पर अलग-अलग किश्तों में दोनों कारोबारियों से कुल 1 करोड़ 90 लाख रुपये निवेश के नाम (Tanzania Gold Mine Scam) पर ले लिए गए। शुरुआत में सब कुछ सामान्य चलता रहा, लेकिन जब तय समय पर मुनाफा नहीं मिला और जवाब देने में टालमटोल शुरू हुई, तब शक गहराने लगा।
कारोबारियों ने जब खुद स्तर पर खदान और दस्तावेजों की जांच कराई, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पता चला कि जिस गोल्ड माइन को दिखाया गया था, उसका आरोपी से कोई संबंध नहीं है और वह न तो खनन का संचालक है और न ही किसी तरह से अधिकृत व्यक्ति।
खुद को ठगा हुआ महसूस करने के बाद दोनों कारोबारी सिविल लाइन थाने (Tanzania Gold Mine Scam) पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी और उसके संभावित सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
फिलहाल पुलिस लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों, डिजिटल बातचीत और विदेशी संपर्कों की जांच में जुटी हुई है। आशंका जताई जा रही है कि इस तरह की ठगी के शिकार और लोग भी हो सकते हैं, जिनकी जानकारी आगे सामने आ सकती है।


