सीजी भास्कर, 22 जनवरी। रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को औपचारिक रूप से लागू (IPS Sanjeev Shukla) कर दिया गया है। इसके साथ ही 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला को राजधानी रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। अब तक वे पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज के पद पर पदस्थ थे और अब उन्हें सीधे तौर पर रायपुर नगरीय पुलिस की कमान सौंपी गई है।
इसी आदेश के तहत राज्य में 16 आईपीएस अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं। रामगोपाल गर्ग (IPS-2007) को पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज से हटाकर पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अभिषेक शांडिल्य (IPS-2007) को राजनांदगांव रेंज से स्थानांतरित कर दुर्ग रेंज का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। बालाजी राव सोमावर (IPS-2007) को पुलिस मुख्यालय से हटाकर पुलिस महानिरीक्षक, राजनांदगांव रेंज पदस्थ किया गया है।
रायपुर कमिश्नरी के तहत नगरीय पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त स्तर पर भी नियुक्तियां (IPS Sanjeev Shukla) की गई हैं। अमित तुकाराम कांबले (IPS-2009) को कांकेर से स्थानांतरित कर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर नगरीय बनाया गया है। लाल उमेद सिंह (IPS-2011) को रायपुर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जशपुर भेजा गया है, जबकि शशि मोहन सिंह (IPS-2012) को जशपुर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायगढ़ नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा दिव्यांग पटेल (IPS-2014) को रायगढ़ से पुलिस अधीक्षक, रेल रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को पुलिस अधीक्षक, रेल रायपुर से हटाकर पुलिस अधीक्षक, रायपुर ग्रामीण बनाया गया है।
कमिश्नरी प्रणाली के तहत रायपुर नगरीय क्षेत्र में पुलिस उपायुक्तों की तैनाती भी की गई है। उमेश प्रसाद गुप्ता (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (मध्य), संदीप पटेल (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) और मयंक गुर्जर (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (उत्तर), रायपुर नगरीय नियुक्त किया गया है। वहीं विकास कुमार (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल) और राजनाला स्मृतिक (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर), रायपुर नगरीय बनाया गया है।
इंदु अग्रवाल (IPS-2022) को नगर पुलिस अधीक्षक, आजाद चौक से पदोन्नत कर पुलिस सहायक आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय की जिम्मेदारी (IPS Sanjeev Shukla) दी गई है। प्रशासन का मानना है कि कमिश्नरी प्रणाली लागू होने से राजधानी में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।


