सीजी भास्कर, 23 जनवरी। बकुलाही स्थित रियल इस्पात एंड एनर्जी इस्पात पावर प्लांट में गुरुवार को हुए दर्दनाक औद्योगिक हादसे के बाद राज्य शासन एवं कारखाना प्रबंधन ने राहत और मुआवजे को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार इस हादसे में 6 श्रमिकों की मृत्यु हुई है, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए बर्न एवं ट्रीटमेंट सेंटर बिलासपुर रेफर किया गया है। इस (Real Ispat Plant Accident Compensation) प्रकरण में मृतकों और घायलों के परिजनों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से कारखाना प्रबंधन ने मुआवजा देने का निर्णय लिया है।
कारखाना प्रबंधन द्वारा प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिजनों को 20 लाख रुपये तथा प्रत्येक घायल श्रमिक के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिजन को कर्मचारी क्षतिपूर्ति कोष से औसतन 10 लाख रुपये की राशि प्राप्त होगी। वहीं कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के माध्यम से पेंशन के रूप में आगामी वर्षों में औसतन 15 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलने का प्रावधान है।
इस प्रकार (Real Ispat Plant Accident Compensation) के अंतर्गत प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिजनों को कुल मिलाकर औसतन लगभग 45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होगी। वहीं घायल श्रमिकों को 5 लाख रुपये की मुआवजा राशि के साथ-साथ कर्मचारी राज्य बीमा निगम के माध्यम से कार्य पर वापसी तक नियमानुसार जीवनयापन भत्ता भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनके उपचार और दैनिक जरूरतों में कोई बाधा न आए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा की दृष्टि से प्लांट पर आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। वर्तमान में प्लांट परिसर और आसपास की कानून-व्यवस्था पूरी तरह शांतिपूर्ण है तथा किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं है। प्रशासनिक अमला लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है।
हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों में विनय भुईया (39 वर्ष), बद्री भुईया (52 वर्ष), सुंदर भुईया (49 वर्ष), श्रवण भुईया (22 वर्ष), जितेन्द्र भुईया (37 वर्ष) एवं राजदेव भुईया (22 वर्ष) शामिल हैं। सभी मृतक बिहार के ग्राम गोटीबांध के निवासी थे। वहीं घायल श्रमिकों में रामू भुईया (37 वर्ष) एवं कल्फु भुईया (45 वर्ष) बिहार के ग्राम गोटीबांध से तथा सराफत अंसारी (32 वर्ष), मुमताज अंसारी (26 वर्ष) एवं साबिर अंसारी (34 वर्ष) झारखंड के ग्राम राजहरा के निवासी हैं।
प्रशासन का कहना है कि (Real Ispat Plant Accident Compensation) केवल राहत का एक चरण है, साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों की कड़ाई से समीक्षा और अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।


