Raipur Literature Festival 2026: छत्तीसगढ़ की साहित्यिक पहचान को व्यापक मंच देने वाला रायपुर साहित्य उत्सव अटल नगर नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में शुरू हो गया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में साहित्य, संस्कृति और समकालीन विमर्श को केंद्र में रखकर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
Inaugural Session में विचार और परंपरा का मेल
उत्सव का उद्घाटन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में हुआ। उद्घाटन सत्र में साहित्य की सामाजिक भूमिका और भारतीय बौद्धिक परंपरा पर चर्चा हुई, जिसने पूरे उत्सव की वैचारिक दिशा तय की।
‘Chanakya Play’ ने बांधा समा
पहले दिन पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता मनोज जोशी द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘चाणक्य’ उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहा। सशक्त संवाद, अभिनय और मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और लंबे समय तक तालियों की गूंज सुनाई दी।
साहित्यिक मंथन
तीन दिनों में कुल 42 सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें देश और प्रदेश के लगभग 120 लेखक, कवि, विचारक और बुद्धिजीवी हिस्सा ले रहे हैं। इन सत्रों में साहित्य, समाज, संस्कृति और बौद्धिक विमर्श से जुड़े विविध विषयों पर संवाद होगा।
Writers & Poets की सशक्त मौजूदगी
लेखिका शिखा वार्ष्णेय, कवि कमलेश कमल, डॉ. गोपाल कमल और डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र सहित कई रचनाकार अपनी रचनाओं और विचारों के माध्यम से मंच साझा कर रहे हैं। प्रत्येक सत्र में रचनात्मक प्रस्तुति के साथ विचारों का आदान-प्रदान हो रहा है।
उत्सव में मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के संचालक विकास दवे, लेखक अजय के. पांडे, उपन्यासकार इंदिरा दांगी, लेखिका सोनाली मिश्र, जयश्री रॉय, डॉ. कायनात काज़ी और अनिल पांडेय जैसे साहित्यकार भी सहभागिता कर रहे हैं।
Chhattisgarhi Poetry & Folk Sessions की खास पहचान
छत्तीसगढ़ी कविता और लोकगीतों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए हैं। इन सत्रों में रामेश्वर वैष्णव, रामेश्वर शर्मा, मीर अली मीर और शशि सुरेंद्र दुबे जैसे कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से लोक संवेदना को मंच पर ला रहे हैं।
आयोजन स्थल पर लगे पुस्तक स्टॉल साहित्य प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बड़ी संख्या में पाठक अपनी पसंदीदा किताबें खरीदते और लेखकों से संवाद करते नजर आ रहे हैं।
10,000+ साहित्य प्रेमी
अब तक 10 हजार से अधिक साहित्य प्रेमी इस उत्सव के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। जिन लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराया है, उनके लिए आयोजन स्थल पर पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है।
उत्सव के विभिन्न मंडप प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम पर समर्पित किए गए हैं। मुख्य मंडप का नाम स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर रखा गया है, जबकि अन्य मंडप पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव के नाम पर हैं।
24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य पाठ आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के प्रसिद्ध कवि अपनी रचनाओं से उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
Media, Cinema & AI
उत्सव के दौरान पत्रकारिता, सिनेमा, टेलीविजन, डिजिटल युग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र रखे गए हैं, जिनमें विशेषज्ञ वक्ता अपने अनुभव साझा करेंगे।


