सीजी भास्कर, 24 जनवरी | Youth Stunt Controversy : अंबिकापुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आगमन के दौरान युवाओं के एक समूह ने सड़क पर ऐसा व्यवहार किया, जिसने आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। 23 जनवरी की शाम शहर में 15 कारों का काफिला निकला, जहां कई युवक चलती गाड़ियों की खिड़कियों से लटकते और शोर मचाते नजर आए।
सेल्फी और रील के चक्कर में नियमों की अनदेखी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गांधी चौक पहुंचते ही युवाओं ने मोबाइल कैमरे ऑन कर लिए। कोई कार की छत से झुक रहा था, तो कोई दरवाजे से बाहर निकलकर रील बनाता दिखा। यह पूरा घटनाक्रम देर शाम तक शहर के अलग-अलग इलाकों में चलता रहा।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में
स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया और पुलिस को टैग किया। वीडियो सामने आते ही सरगुजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नंबर के आधार पर 8 चारपहिया वाहनों को जब्त कर लिया। अन्य गाड़ियों की पहचान का काम जारी है।
80 से ज्यादा युवक, पर नाम सार्वजनिक नहीं
पुलिस सूत्रों के अनुसार, करीब 15 वाहनों में 80 से अधिक युवक शामिल थे। इनमें से एक दर्जन गाड़ियों में सवार युवकों ने खुलेआम स्टंट किए। फिलहाल किन-किन युवाओं पर कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। (Public Disorder Case)
भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे थे भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शहर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे गांधी चौक पर उनका स्वागत किया गया। स्वागत के बाद जब वाहनों का काफिला शहर में घूमने निकला, तब यह हुड़दंग देखने को मिला।
जब्त वाहनों पर FIR, लाइसेंस निरस्तीकरण की तैयारी
पुलिस ने इनोवा, स्कॉर्पियो और अर्टिगा समेत 8 वाहनों को जब्त किया है। सभी चालकों के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं और मोटरयान अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
SSP का सख्त संदेश
सरगुजा एसएसपी ने स्पष्ट कहा है कि सड़क पर स्टंट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी चेताया कि भविष्य में किसी भी आयोजन या समारोह के नाम पर कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
हाईकोर्ट की पुरानी चेतावनी फिर चर्चा में
इस तरह की घटनाओं को लेकर पहले भी हाईकोर्ट सख्त टिप्पणी कर चुका है। सार्वजनिक सड़कों पर स्टंटबाजी को गंभीर अपराध मानते हुए कोर्ट ने इसे आम नागरिकों की जान के लिए खतरा बताया था और कड़ी सजा की बात कही थी।


