सीजी भास्कर, 24 जनवरी | Couple Suicide Promise Murder : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से सामने आए इस मामले ने रिश्तों और हालात की भयावह सच्चाई उजागर कर दी है। लंबे इलाज और लगातार खर्च से टूट चुके एक मजदूर पति ने “साथ जिएंगे, साथ मरेंगे” का फैसला लिया, लेकिन अंत में मौत सिर्फ पत्नी के हिस्से आई। आरोपी पति अब पुलिस हिरासत में है।
इलाज, कर्ज और टूटता भरोसा
राजपुर थाना क्षेत्र के मुरका जिड़गी पारा निवासी राम दिल आयाम उर्फ मिथुन पेट दर्द और हाथ-पैर की गंभीर बीमारी से पिछले तीन साल से जूझ रहा था। इलाज पर जमा पूंजी खत्म हो चुकी थी, कर्ज बढ़ता जा रहा था। इसी मानसिक दबाव में पति-पत्नी ने कथित तौर पर जहर खाकर साथ मरने का फैसला किया।
शादी के 10 साल, दो मासूम बच्चे
पति राम दिल और पत्नी फरहारो की शादी को करीब 10 साल हो चुके थे। दोनों के दो छोटे बच्चे हैं—एक आठ साल का बेटा और तीन साल की बेटी। पुलिस के अनुसार, यही बच्चे बाद में आरोपी के फैसले को बदलने की वजह बने, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
खेत में रची गई खौफनाक रात
22 जनवरी की शाम करीब छह बजे गांव से दूर एक गन्ना बाड़ी में पति ने हाथ-पैर से पत्नी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने स्वीकार किया कि वारदात के बाद वह पूरी रात पत्नी की लाश के पास बैठा रहा। खेत की खामोशी उस रात एक परिवार की कहानी खत्म होते देखती रही।
दो दिन की तलाश, फिर चौंकाने वाला सच
दो दिन तक पति-पत्नी के घर न लौटने पर परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। 23 जनवरी की सुबह आरोपी खुद गांव पहुंचा और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। गांव वालों को साथ लेकर जब वह घटनास्थल पहुंचा, तो पत्नी का शव गन्ना बाड़ी में पड़ा मिला।
चोटों ने खोली पूरी कहानी
पुलिस जांच में मृतका के सिर, चेहरे और गले पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। प्रारंभिक जांच में सिर पर हमला और गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। पत्नी के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
आखिरी वक्त में बदल गया इरादा
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पत्नी की हत्या के बाद जब उसे अपने दो छोटे बच्चों का भविष्य याद आया, तो उसने खुद आत्महत्या नहीं की। पुलिस का कहना है कि यह एक बेहद गलत और आवेग में लिया गया फैसला था, जिसने एक मासूम परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया।


