सीजी भास्कर, 24 जनवरी | Forest Land Encroachment Action : बालोद जिले के दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र में वन भूमि पर लंबे समय से चल रहे अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। कक्ष क्रमांक 55 के कंजेली बिट अंतर्गत सुकड़ीगहन गांव क्षेत्र में जंगल काटकर की गई खेती पर जेसीबी मशीनों से कार्रवाई की गई, जिससे वर्षों से बनी खेतों की मेड़ें तोड़ दी गईं।
सैकड़ों एकड़ जंगल को खेत में बदला गया
प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक यह पूरा इलाका करीब 279 हेक्टेयर के वन कम्पार्टमेंट में आता है। यहां पारधी समुदाय के कुछ लोगों द्वारा वर्षों से जंगल काटकर खेती की जा रही थी। बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से वन क्षेत्र की जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन को गंभीर नुकसान पहुंचा।
संयुक्त टीम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने के दौरान वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए थे, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
ग्रामीणों ने रखी आपत्ति, नहीं रुकी कार्रवाई
कार्रवाई की खबर मिलते ही सुकड़ीगहन गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की। ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां रखीं और कार्रवाई रोकने की मांग की, लेकिन नियमों और वन कानूनों का हवाला देते हुए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी रखी। चर्चा के बाद ग्रामीण कलेक्टर से मुलाकात की बात कहकर लौट गए।
30 एकड़ से हटाया अतिक्रमण, आगे भी चलेगा अभियान
वन अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 30 एकड़ वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जा चुका है। पूरे क्षेत्र में 200 एकड़ से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा चिन्हित किया गया है, जिस पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
नए अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस
वन विभाग ने साफ किया है कि भविष्य में किसी भी तरह के नए अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और वन क्षेत्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।


