सीजी भास्कर, 24 जनवरी | राजधानी रायपुर के लोगों के लिए Raipur Sub Registry Office को लेकर एक बड़ा और व्यावहारिक फैसला सामने आया है। जमीन, मकान, प्लॉट या अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए अब कलेक्टोरेट परिसर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बढ़ती आबादी और रोज़ाना उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए शासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों में नए सब-रजिस्ट्री कार्यालय खोलने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है।
शहर की चारों दिशाओं में खुलेंगे दफ्तर
नए Sub Registry Offices in Raipur सड्डू, वीआईपी रोड स्थित बेबीलोन, धरसींवा, बीरगांव, टाटीबंध और कमल विहार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में खोले जाएंगे। इन स्थानों का चयन इस तरह किया गया है कि शहर के हर कोने के लोगों को अपने नजदीकी क्षेत्र में रजिस्ट्री की सुविधा मिल सके और अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े।
सड्डू और बेबीलोन बनेंगे हाईटेक सेंटर
इस योजना के तहत सड्डू और बेबीलोन स्थित कार्यालयों को नया रायपुर की तर्ज पर हाईटेक बनाया जाएगा। यहां डिजिटल सुविधाएं, बेहतर बैठने की व्यवस्था और सुव्यवस्थित काउंटर सिस्टम रहेगा। Hi-Tech Registry System को चरणबद्ध तरीके से अगले कुछ महीनों में लागू किया जाएगा, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
कलेक्टोरेट में बन रही नई पंजीयन इमारत
एक ओर जहां शहर में नए दफ्तर खुलेंगे, वहीं दूसरी ओर कलेक्टोरेट परिसर में करीब 9.16 करोड़ रुपये की लागत से नई पंजीयन इमारत का निर्माण भी जारी है। इस भवन में तीन डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार और आठ सब-रजिस्ट्रार की बैठक व्यवस्था होगी। Registry Infrastructure Upgrade से मौजूदा अव्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
भीड़ और इंतजार से मिलेगी निजात
अभी स्थिति यह है कि कलेक्टोरेट स्थित पंजीयन कार्यालय में रोज़ाना सैकड़ों लोग रजिस्ट्री के लिए पहुंचते हैं। एक सब-रजिस्ट्रार औसतन 40 रजिस्ट्री करता है, जिससे प्रतिदिन 200 से अधिक मामले सामने आते हैं। Crowd Reduction Plan के तहत नए कार्यालय खुलने से बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले लोगों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी।
बैठने की समस्या भी होगी खत्म
वर्तमान कार्यालय में सीमित जगह होने के कारण लोगों को घंटों खड़े रहना पड़ता है। एक ही हॉल में रजिस्ट्री कार्य, वकीलों की मौजूदगी और इंतजार करने वाले नागरिकों की भीड़ रहती है। नए सब-रजिस्ट्री कार्यालयों में अलग-अलग कक्ष, प्रतीक्षालय और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कैमरे की निगरानी में रहेगा पूरा परिसर
नई इमारतों में सुरक्षा को भी खास तवज्जो दी जाएगी। हर कमरे और पूरे कैंपस को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया जाएगा। पहले लगाए गए कैमरे तकनीकी कारणों से बंद हो चुके थे, लेकिन अब CCTV Surveillance Registry के जरिए आने-जाने वालों की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।


