Raipur Crime Control : रायपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन का रुख अब और सख्त होता दिख रहा है। कमिश्नरेट के नए कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने स्पष्ट कर दिया है कि नशाखोरी, चाकूबाजी और अड्डेबाजी जैसी गतिविधियों के लिए शहर में कोई जगह नहीं होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई के नाम पर आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
समीक्षा बैठक में तय हुई प्राथमिकताएं
शनिवार रात आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिसिंग की दिशा और रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर से लेकर थाना प्रभारी स्तर तक के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान अपराध नियंत्रण, गश्त व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों की निगरानी को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
विजिबल पुलिसिंग पर खास जोर
कमिश्नर ने शहर में पुलिस की मौजूदगी को और ज्यादा दिखाई देने वाला बनाने पर जोर दिया। पैदल गश्त, रात की पेट्रोलिंग और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। उनका मानना है कि सड़क पर सक्रिय पुलिस ही आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करती है।
चाकूबाजी और नशे पर जीरो टॉलरेंस
बैठक में यह साफ कर दिया गया कि चाकूबाजी और नशे के मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। असामाजिक तत्वों, निगरानी बदमाशों और इनके नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि छोटी घटनाओं को भी हल्के में न लें और मजबूत धाराओं में प्रकरण दर्ज करें।
चालान के नाम पर उत्पीड़न नहीं
कमिश्नर ने पुलिस को यह भी चेताया कि ट्रैफिक चालान या जांच के नाम पर आम वाहन चालकों को बेवजह रोका-टोका न जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहचान जनसेवा से होनी चाहिए, न कि डर के माहौल से।
बिना अनुमति आयोजनों पर रोक
कमिश्नरेट क्षेत्र में बिना अनुमति रैली, धरना या किसी भी सामूहिक आयोजन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तय समय के बाद बार, कैफे और रेस्टोरेंट बंद कराना अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन पर सीधे कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
शहर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में रायपुर की कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी। नशा, हिंसा और असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास को प्राथमिकता दी जाएगी।


