Meter Reader Issues Meeting: राजधानी रायपुर में बिजली वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और मीटर रीडर संघ के पदाधिकारियों के बीच कर्मचारियों से जुड़ी जमीनी समस्याओं को लेकर विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य फील्ड में कार्यरत मीटर रीडरों की सुरक्षा, भुगतान व्यवस्था और तकनीकी चुनौतियों पर ठोस समाधान निकालना रहा।
मारपीट की घटनाओं पर सख्त रुख
संघ पदाधिकारियों ने मीटर रीडिंग के दौरान कर्मचारियों के साथ हो रही मारपीट और अभद्रता की घटनाओं को गंभीर मुद्दा बताया। बैठक में मांग रखी गई कि ऐसी घटनाओं में दोषियों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई हो और मीटर रीडरों की पहचान स्पष्ट करने के लिए उन्हें वैध पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएं।
भुगतान देरी पर तय हुई समय-सीमा
प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया कि लंबित भुगतानों को लेकर अब स्पष्ट समय-सीमा लागू की जाएगी। तय किया गया कि मुख्यालय स्तर पर लंबित देयकों का भुगतान 10 दिनों के भीतर और संभाग स्तर तक पहुंचे बिलों का निपटारा 6 दिनों में किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक असुविधा न हो।
स्मार्ट मीटर और बिलिंग सिस्टम पर निर्णय
बैठक में स्मार्ट मीटर से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों और बिलिंग सिस्टम की खामियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रबंधन ने स्मार्ट मीटर कंपनियों से समन्वय कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। साथ ही यह तय हुआ कि डेटा जमा होने के अधिकतम 15 दिनों के भीतर उपभोक्ताओं को बिल जारी किए जाएंगे।
बीमा, प्रशिक्षण और हेल्पलाइन की पहल
मीटर रीडरों के लिए सामूहिक बीमा, नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम और एक समर्पित हेल्पलाइन शुरू करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित करने का निर्णय लिया गया, ताकि फील्ड स्टाफ का मनोबल बढ़ाया जा सके।
संघ पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका
बैठक में संघ की ओर से प्रांतीय अध्यक्ष देव लाल पाटले, उपाध्यक्ष सतीश सोनबेर, सचिव नरेंद्र पाटले, सहकोषाध्यक्ष प्रवेश जोगी सहित अन्य पदाधिकारी और सलाहकार मौजूद रहे। प्रबंधन ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए जल्द अमल का भरोसा दिलाया।


