Human Rights Violation Case : छत्तीसगढ़ के पेंड्रा इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक सोच और कानून-व्यवस्था—दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम रानीझाप में एक विधवा महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट, अपमान और सार्वजनिक रूप से अमर्यादित व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता की सामाजिक स्थिति और पृष्ठभूमि
पीड़िता की उम्र लगभग 35 वर्ष बताई जा रही है। पति की मृत्यु के बाद वह अकेले जीवन व्यतीत कर रही थी। गांव में ही रहने वाले एक विवाहित व्यक्ति से उसके संबंधों को लेकर लंबे समय से चर्चा थी। सामाजिक दबाव बढ़ने पर दोनों कुछ समय के लिए गांव छोड़कर बाहर रहने चले गए थे।
गांव लौटने के बाद बढ़ा विवाद
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में दोनों के गांव लौटने के बाद विवाद की स्थिति बन गई। मामला स्थानीय पुलिस चौकी तक पहुंचा, जहां महिला ने अपने फैसले पर कायम रहने की बात कही। इसके बाद सभी पक्ष गांव लौट आए, लेकिन तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया।
अगले दिन हुई कथित हिंसा
आरोप है कि अगले दिन कुछ लोग महिला के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट की। पीड़िता के अनुसार, उसे जबरन घर से बाहर निकाला गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। घटना के दौरान महिला लगातार मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया।
ग्रामीणों के हस्तक्षेप से बची जान
घटना की गंभीरता को देखते हुए बाद में कुछ ग्रामीणों ने हस्तक्षेप किया और महिला को आरोपियों से अलग कराया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पीड़िता को सुरक्षा में लिया और प्राथमिक उपचार के साथ बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस कार्रवाई और जांच
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से पीड़िता को न्याय का भरोसा दिलाया गया है।


