सीजी भास्कर, 27 जनवरी | राजधानी रायपुर में 23 तारीख से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़े फैसले सामने आने लगे हैं। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला के रायपुर के पहले पुलिस आयुक्त के रूप में पदभार संभालते ही Raipur Police Commissioner Order के तहत कई अहम निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका सीधा असर पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर पड़ेगा।
पुराने ट्रांसफर आदेश किए गए स्थगित
पुलिस आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, कमिश्नरी सिस्टम लागू होने से पहले जारी किए गए थाना प्रभारी, निरीक्षक, उप निरीक्षक और आरक्षक स्तर तक के तबादला आदेशों पर तत्काल रोक लगा दी गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारी-कर्मचारियों की नई पदस्थापना पर अभी रवानगी नहीं हुई है, उन्हें फिलहाल कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की कवायद
सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय नई पुलिस आयुक्त प्रणाली के तहत कार्यक्षेत्रों और जिम्मेदारियों को दोबारा संतुलित करने के उद्देश्य से लिया गया है। कमिश्नरी लागू होते ही अचानक तबादलों से कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

देर रात समीक्षा बैठक में सख्त संदेश
इससे पहले शनिवार रात पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला ने कानून-व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, सभी डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारी शामिल रहे। आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि पुलिसिंग का उद्देश्य आम नागरिकों को भरोसा देना होना चाहिए, न कि अनावश्यक दबाव बनाना।
चालान और सार्वजनिक आयोजनों पर निर्देश
बैठक में आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि चालान के नाम पर वाहन चालकों को बेवजह परेशान न किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि रायपुर कमिश्नरी क्षेत्र में किसी भी तरह के धरना, प्रदर्शन या रैली के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। बिना अनुमति किसी भी आयोजन की इजाजत नहीं दी जाएगी।
समय के बाद खुले बार-कैफे पर कार्रवाई
कमिश्नरी क्षेत्र में बार, कैफे और रेस्टोरेंट के संचालन को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि तय समय सीमा के बाद कोई भी प्रतिष्ठान खुला पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। इस आदेश को शहर में अनुशासन और सार्वजनिक सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।




