सीजी भास्कर, 27 जनवरी| ऑस्ट्रेलिया के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज केन रिचर्ड्सन ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा (Kane Richardson Retirement) कर दी है। 34 वर्षीय रिचर्ड्सन का क्रिकेट करियर करीब 17 साल तक चला, जिसमें उन्होंने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए अहम योगदान दिया। लगातार चोटों से जूझने के कारण उन्होंने समय से पहले क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया।
केन रिचर्ड्सन ने अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत साल 2013 में श्रीलंका के खिलाफ की थी। इसके बाद वह सीमित ओवरों के फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाजी इकाई का भरोसेमंद हिस्सा बने। खास बात यह रही कि उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला भारत में खेला, जो उनके करियर की आखिरी यादगार बन गया।
रिचर्ड्सन ने साल 2023 में भारत के खिलाफ गुवाहाटी में टी20 इंटरनेशनल के रूप में अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। वहीं, उनके टी20 इंटरनेशनल करियर की शुरुआत साल 2014 में पाकिस्तान के खिलाफ (Kane Richardson Retirement) हुई थी। प्रोफेशनल क्रिकेट में उन्होंने कदम साल 2009 में रखा था और करीब एक दशक तक इंटरनेशनल क्रिकेट में सक्रिय रहे।
अपने इंटरनेशनल करियर में केन रिचर्ड्सन ने कुल 61 मुकाबले खेले और 84 विकेट हासिल किए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 25 मैचों में 39 विकेट अपने नाम किए, जिसमें 68 रन देकर 5 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। वहीं टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 36 मैचों में 45 विकेट झटके और इस फॉर्मेट में उनका बेस्ट प्रदर्शन 30 रन देकर 4 विकेट लेना रहा।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में केन रिचर्ड्सन को एक अनुशासित और मेहनती तेज गेंदबाज के रूप में जाना जाता रहा है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी स्विंग और डेथ ओवर्स की गेंदबाजी टीम के लिए कई मौकों पर कारगर (Kane Richardson Retirement) साबित हुई। हालांकि, बार-बार की इंजरी ने उनके करियर की रफ्तार को थाम लिया और अंततः उन्हें संन्यास का फैसला लेना पड़ा।
क्रिकेट जगत में उनके इस फैसले के बाद फैंस और पूर्व खिलाड़ियों ने उनके योगदान को सराहा है। भारत में खेला गया उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच अब उनके करियर की सबसे खास यादों में शामिल रहेगा।




