सीजी भास्कर, 27 जनवरी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में धोखाधड़ी और दस्तावेजी फर्जीवाड़े का हैरान करने वाला मामला सामने (Land Fraud Case Chhattisgarh) आया है।
यहां एक युवक ने अपने जिंदा जीजा को मृत घोषित कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया और इसी के आधार पर अपने ही नाबालिग भांजे-भांजियों की करोड़ों रुपये की पुश्तैनी जमीन बेच डाली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला रायगढ़ जिले के ग्राम हालाहुली से जुड़ा हुआ है। पीड़ित मनीष शुक्ला को उस वक्त गहरा सदमा लगा, जब उन्हें जानकारी मिली कि उनके बच्चों की पुश्तैनी जमीन बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र में बिना उनकी जानकारी के बेच दी गई है। जमीन का खसरा नंबर 258 है, जिसका रकबा करीब 0.1500 हेक्टेयर बताया गया है।
जांच में सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे मनीष शुक्ला का साला अखिलेश पांडेय और उसका भाई ((Land Fraud Case Chhattisgarh) शामिल है। आरोपियों ने सरकारी रिकॉर्ड और शपथ पत्रों में मनीष शुक्ला को मृत दर्शाया और खुद को नाबालिग बच्चों का कानूनी संरक्षक बताकर जमीन का सौदा कर लिया। जमीन बिक्री से मिली रकम को भी आपस में बांट लिया गया।
जब मनीष शुक्ला को इस धोखाधड़ी की भनक लगी तो उन्होंने सकरी थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने की पूरी साजिश का खुलासा किया।
पीड़ित की रिपोर्ट पर सकरी थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 464, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अखिलेश पांडेय को जांजगीर-चांपा जिले के चांपा ((Land Fraud Case Chhattisgarh) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अन्य आरोपी अनुराग पांडेय, अभिषेक पांडेय और कुछ सहयोगी भी शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद फर्जी दस्तावेज बनाने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।


