CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » Delhi High Court Verdict : CBI की जांच पर दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी लकीर, रिटायर्ड जज से निजी जानकारी जबरन नहीं मांगी जा सकती

Delhi High Court Verdict : CBI की जांच पर दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी लकीर, रिटायर्ड जज से निजी जानकारी जबरन नहीं मांगी जा सकती

By Newsdesk Admin
27/01/2026
Share

सीजी भास्कर 27 जनवरी। दिल्ली हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस आई.एम. कुद्दूसी को बड़ी राहत देते हुए CBI द्वारा जारी नोटिस को रद्द कर (Delhi High Court Verdict) दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 91 का इस्तेमाल आरोपी या गवाह से उसकी निजी जानकारियां जबरदस्ती हासिल करने के लिए नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 91 CrPC का उद्देश्य केवल पहले से मौजूद दस्तावेजों या वस्तुओं को जांच के लिए पेश करवाना है, न कि किसी व्यक्ति को अपनी याददाश्त के आधार पर जानकारी लिखकर देने के लिए बाध्य करना। मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण, स्टाफ की जानकारी या अन्य व्यक्तिगत डेटा इस धारा के दायरे में नहीं आते।

कोर्ट की बेंच ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को इस तरह की जानकारी देने के लिए मजबूर किया जाता है, तो यह संविधान के अनुच्छेद 20(3) का उल्लंघन होगा। अनुच्छेद 20(3) के तहत किसी भी व्यक्ति को स्वयं के खिलाफ साक्ष्य देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, चाहे वह आरोपी हो या जांच के दायरे में आया कोई व्यक्ति।

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों के पास जानकारी जुटाने के अन्य वैधानिक विकल्प (Delhi High Court Verdict) मौजूद हैं। जैसे धारा 161 CrPC के तहत पूछताछ, जिसमें व्यक्ति को चुप रहने का अधिकार प्राप्त है, या फिर बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों और अन्य संबंधित संस्थानों से सीधे रिकॉर्ड मंगवाना। अदालत ने कहा कि जांच की सुविधा के नाम पर संवैधानिक सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अपने फैसले में हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि धारा 91 का प्रयोग केवल मौजूदा दस्तावेजों या वस्तुओं तक सीमित है। इसे इस तरह नहीं बढ़ाया जा सकता कि आरोपी को खुद के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने के लिए मजबूर किया जाए।

यह मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस आई.एम. कुद्दूसी से जुड़ा है। भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान CBI ने उन्हें नोटिस जारी कर उनके मोबाइल नंबर, बैंक खातों के स्टेटमेंट, ड्राइवर और घरेलू सहायकों से संबंधित जानकारियां (Delhi High Court Verdict) मांगी थीं। जस्टिस कुद्दूसी ने इसे अपने संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए ट्रायल कोर्ट में चुनौती दी थी।

ट्रायल कोर्ट ने CBI के नोटिस को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ CBI ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए साफ कर दिया कि जांच एजेंसियां कानून की सीमाओं के भीतर रहकर ही कार्रवाई कर सकती हैं। इस फैसले को जांच एजेंसियों की शक्तियों और नागरिक अधिकारों के संतुलन के लिहाज से एक अहम नजीर माना जा रहा है।

Big Breaking News : पेपर लीक मामले में 20 ठिकानों पर ACB-EOW की छापेमारी, कई RI के घरों पर दबिश
AI Morphed Photos in Raipur IIIT: छात्र ने 36 छात्राओं की तस्वीरों को बनाया अश्लील, संस्थान पर मामला दबाने के आरोप
Army Recruitment Rally : नौसेना के नए पोतों का नामकरण होगा छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर, सेना भर्ती रैली पर भी लगी मुहर
CG IPS Transfer 2025: छत्तीसगढ़ में 9 आईपीएस अफसरों का तबादला, नवा रायपुर से नारायणपुर तक बदले गए पुलिस अधिकारी
Mahasamund Ganja Seizure : महासमुंद में नशा तस्करी पर बड़ा वार, 150 किलो गांजा के साथ 3 अंतर्राज्यीय तस्कर दबोचे गए
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Flood Alert Balodabazar
Flood Alert Balodabazar : नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर से प्रशासन अलर्ट, अमेठी घाट पर आवागमन पूरी तरह बंद

सीजी भास्कर, 06 जुलाई : लगातार हो रही बारिश…

Chintan Shivir 3.0
Chintan Shivir 3.0 : चिंतन शिविर 3.0 से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को मिलेगी नई दिशा : विष्णु देव साय

सीजी भास्कर, 06 जुलाई : विकसित छत्तीसगढ़ (Developed Chhattisgarh)…

Rotary Club Bhilai Greater
Rotary Club Bhilai Greater : सेवा के नए संकल्प के साथ रोटरी क्लब भिलाई ग्रेटर को मिला नया नेतृत्व

सीजी भास्कर, 06 जुलाई : समाज सेवा, जनकल्याण और…

Nakti Case
Nakti Case : कांग्रेस झूठ और भ्रम फैलाकर सरकार की छवि खराब करने का असफल प्रयास कर रही है : केदार कश्यप

सीजी भास्कर, 06 जुलाई : नकटी गांव प्रकरण (Nakti…

Mason Accident : घर निर्माण के दौरान बांस की चैली से गिरकर राजमिस्त्री की मौत, गांव में पसरा मातम

सीजी भास्कर, 06 जुलाई : धमतरी जिले में घर…

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?