सीजी भास्कर, 27 जनवरी। रायपुर जिले के खरोरा थाना क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट रायपुर और थाना खरोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई (Kharora Liquor Seizur) की है। पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए कुल 1008 पौवा अवैध शराब बरामद की है। जब्त शराब की कुल मात्रा करीब 181 लीटर 440 मिलीलीटर आंकी गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 11 हजार 360 रुपये बताई जा रही है।
इसके अलावा शराब बिक्री से जुटाई गई 19 हजार 100 रुपये की नकद राशि भी पुलिस ने जब्त की है। इस तरह इस पूरे मामले में कुल जब्ती करीब 1 लाख 30 हजार 460 रुपये की हुई है। अवैध शराब के परिवहन और संग्रहण में इस्तेमाल की जा रही स्कूटर क्रमांक CG 04 HQ 2794 को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हालेश्वर कुमार साहू (28 वर्ष), चन्द्रशेखर साहू (21 वर्ष) और अजय धीवर (21 वर्ष) शामिल हैं, जो सभी खरोरा थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ थाना खरोरा में अपराध क्रमांक 56/26 के तहत आबकारी एक्ट की धारा 34(2) में मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 26 जनवरी को मुखबिर से विश्वसनीय सूचना मिली थी कि ग्राम सारागांव में एक ब्यारा के अंदर भारी मात्रा में अवैध शराब डंप कर ग्राहकों (Kharora Liquor Seizur) को बेची जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद खरोरा पुलिस और साइबर क्राइम यूनिट की टीम ने संयुक्त रूप से बताए गए स्थान पर दबिश दी। मौके पर हालेश्वर साहू और चन्द्रशेखर साहू अवैध शराब की बिक्री करते हुए पकड़े गए।
तलाशी के दौरान अलग-अलग प्लास्टिक बोरियों में रखी देशी मदिरा मसाला शोले, मसाला शेरा, गोवा स्पेशल और गोल्डन गोवा स्पेशल अंग्रेजी व्हिस्की के कुल 1008 पौवा बरामद किए गए। शराब रखने और बेचने के संबंध में आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद पूरी शराब और नकद रकम गवाहों के सामने जब्त कर ली गई।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि अजय धीवर स्कूटर के जरिए शराब सप्लाई (Kharora Liquor Seizur) करता था। इसके बाद पुलिस ने अजय धीवर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से स्कूटर भी जब्त कर ली।
पुलिस अधीक्षक रायपुर श्वेता सिन्हा श्रीवास्तव के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी (विधानसभा) वीरेन्द्र चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में यह पूरी कार्रवाई की गई। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके परिजनों को सूचना दी गई है और उन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है।




