सीजी भास्कर, 27 जनवरी। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतिम चरण में कालातीत हो चुके धान बीज को चावल के रूप में समितियों में खपाने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। प्रशासनिक टीम ने सुभाषनगर बस्ती में छापेमारी कर 121 क्विंटल कालातीत धान बीज जब्त किया है। यह धान सूरजपुर जिले की सिलफिली समिति ले जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही कार्रवाई कर दी गई।
जानकारी के अनुसार सुभाषनगर स्थित एक गोदामनुमा मकान में धान बीज के पैकेटों को खोलकर उन्हें प्लास्टिक बोरों में भरा जा रहा था। मौके पर पहुंची संयुक्त टीम ने पाया कि 295 बोरियों में धान बीज पहले ही भरा (Ambikapur Paddy Seizure) जा चुका था। इसके अलावा 3 किलो और 10 किलो वाले कई पैकेटों में भी बीज मौजूद था, जिसे बोरियों में भरने की तैयारी चल रही थी।
सहायक जिला खाद्य अधिकारी चित्रकांत ध्रुव ने बताया कि सोमवार को सूचना मिली थी कि कालातीत धान बीज को सामान्य धान के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसके बाद खाद्य, राजस्व, मंडी और सहकारी समिति विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान कुल 121 क्विंटल धान बीज जब्त किया गया।
कार्रवाई में यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में अमानक धान बीज के खाली पैकेट मौके (Ambikapur Paddy Seizure) पर मौजूद थे, जबकि कई पैकेटों को साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से जला दिया गया था। जब्त धान बीज केशव मंडल नामक कारोबारी से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसने मुकेश गुहा के मकान को गोदाम के रूप में किराए पर लिया था।
कारोबारी का दावा है कि संबंधित कंपनी छत्तीसगढ़ में पंजीकृत है, लेकिन उसने स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग से आवश्यक लाइसेंस नहीं लिया था। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि जब्त धान बीज किसी निजी कंपनी का है या बीज निगम से संबंधित है। मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा जा रहा है।
महंगे दाम का बीज, लेकिन खाने के लायक नहीं
बताया गया है कि जब्त धान बीज बाजार में करीब 600 रुपये प्रति किलो की दर से बिकता है, लेकिन कालातीत हो जाने के कारण इसकी उपयोगिता समाप्त हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार 100 दानों में से केवल 10–12 दाने ही अंकुरित हो पाते हैं। यही वजह है कि व्यापारी द्वारा इसे समर्थन मूल्य पर चावल के रूप में बेचने की कोशिश (Ambikapur Paddy Seizure) की जा रही थी, जिससे लगभग 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान मिल सकता था।
प्रशासन का कहना है कि यह बीज केमिकल कोटेड होने के कारण स्वास्थ्य की दृष्टि से भी खतरनाक है और किसी भी स्थिति में खाने योग्य नहीं है। इसके बावजूद इसे समर्थन मूल्य पर खपाने की तैयारी की गई थी, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस कार्रवाई के बाद जिले में धान खरीदी से जुड़े सभी केंद्रों और गोदामों पर निगरानी और सख्त किए जाने के संकेत दिए गए हैं।




