सीजी भास्कर, 29 जनवरी | के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल स्टाफ द्वारा बच्चों को सजा देने के नाम पर एक कमरे में बंद किया गया और एक तीन वर्षीय बच्ची के साथ शारीरिक हिंसा की गई।
यूनिफॉर्म न पहनने पर बच्चों को कमरे में बंद करने का आरोप
अभिभावकों के अनुसार, 26 जनवरी की थीम पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान तय यूनिफॉर्म में स्कूल नहीं पहुंचे कुछ बच्चों को अलग कमरे में बंद कर दिया गया। इन बच्चों को न तो कार्यक्रम में शामिल होने दिया गया और न ही इसकी जानकारी समय पर अभिभावकों को दी गई, जिससे स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन साल की बच्ची के सिर में आई गंभीर चोट
मामले में सबसे गंभीर आरोप एक तीन वर्षीय बच्ची के साथ हुई घटना को लेकर है। शिकायत के मुताबिक, बच्ची को जोर से धक्का दिया गया, जिससे उसका सिर दीवार से जा टकराया। सिर में सूजन आने के बाद परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज किया गया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला मामला
पीड़ित बच्ची की मां, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, ने बताया कि शुरुआत में स्टाफ द्वारा घटना को साधारण बताया गया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद सच्चाई सामने आई। फुटेज में बच्ची के साथ जानबूझकर की गई सख्ती स्पष्ट नजर आई, जिसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत FIR
शिकायत के आधार पर आमानाका थाना पुलिस ने स्कूल स्टाफ के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) व 125 के तहत मामला दर्ज किया है। स्कूल की आया माधुरी को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जबकि अन्य पहलुओं पर जांच जारी है।
स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच
पुलिस का कहना है कि केवल स्टाफ ही नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या इस तरह का व्यवहार पहले भी बच्चों के साथ किया गया है और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।
अभिभावकों में आक्रोश
घटना सामने आने के बाद अन्य अभिभावकों ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा स्कूल की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं भरोसे को तोड़ती हैं। अभिभावकों ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।




