Property Fraud Case Raipur : राजधानी क्षेत्र से सामने आए एक मामले ने पारिवारिक भरोसे और संपत्ति सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला ने अपने ही बेटे और उसके दोस्त पर बिना अनुमति जमीन-मकान का सौदा करने और अलग-अलग लोगों से एडवांस रकम लेने का आरोप लगाया है।
मालिकाना हक और दस्तावेजों का भरोसा
पीड़िता के मुताबिक, अमलेश्वर इलाके में उनके नाम दर्ज 1420 वर्गफीट जमीन पर बना मकान है। पैसों की जरूरत के समय उन्होंने केवल लोन प्रक्रिया के लिए दस्तावेज दिए थे, यह स्पष्ट करते हुए कि फोटो-कॉपी के बाद कागजात लौटा दिए जाएं।
अनुपस्थिति में कथित सौदा
आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर बेटे और उसके साथी ने आपसी सहमति से संपत्ति का सौदा तय कर लिया। 16 जनवरी 2026 को निर्माण गतिविधि दिखने पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ, जिससे illegal land sale का शक गहराया।
दो अलग सौदे, अलग-अलग एडवांस
जांच में सामने आया कि एक पक्ष से 17 लाख में सौदा तय कर 5.50 लाख रुपये नकद एडवांस लिया गया। वहीं, उसी संपत्ति का दूसरा करार 18 लाख में तय कर 7.50 लाख रुपये और लिए गए, जो double property deal की ओर इशारा करता है।
बैंक ट्रांजैक्शन और भ्रम
पीड़िता का कहना है कि 7.50 लाख रुपये उनके खाते में आए, जिन्हें बेटे ने “दोस्त की रकम” बताकर निकलवा लिया। बाद में पता चला कि यह राशि संपत्ति सौदे से जुड़ी थी—यहीं से forged documents dispute का संदेह मजबूत हुआ।
फर्जी दस्तावेजों का आरोप
महिला का दावा है कि उनके नाम से दो इकरारनामा और एक पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की गई, जबकि उन्होंने न तो नोटरी के सामने हस्ताक्षर किए और न ही किसी तरह की रकम प्राप्त की।
पुलिस कार्रवाई और जांच की दिशा
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दस्तावेजों की सत्यता, बैंक रिकॉर्ड और सौदों की कड़ियों की पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि family property dispute India में तथ्यात्मक जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।




