Job Fraud Bastar Case : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने का एक गंभीर मामला सामने आया है। खुद को पहुंच वाला व्यक्ति बताकर और रिश्तेदार को अधिकारी बताने वाले आरोपी ने एक परिवार को झांसे में लेकर 10 लाख रुपये की ठगी कर ली। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पीड़ित की शिकायत से खुली परतें
जगदलपुर के कुम्हारपारा इलाके में रहने वाले अनंत राम कश्यप ने 29 जनवरी 2026 को थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी जान-पहचान प्रमोद सिंह भार्गव से थी, जिसने भरोसे का फायदा उठाकर नौकरी दिलाने का झूठा दावा किया।
फार्मासिस्ट की आड़ में ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी प्रमोद सिंह भार्गव राजनांदगांव जिले के बजरंगपुर नवागांव का निवासी है और वर्तमान में कोंडागांव जिले के एक गांव में फार्मासिस्ट के पद पर पदस्थ था। सरकारी सेवा में होने का हवाला देकर उसने खुद को प्रभावशाली साबित करने की कोशिश की।
व्यापम अधिकारी का झांसा
आरोपी ने पीड़ित को बताया कि उसका जीजा व्यापम में अधिकारी है और वह उसकी बेटी व भांजे को आश्रम अधीक्षक जैसे पद पर नौकरी दिलवा सकता है। इसी दावे के भरोसे पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल 10 लाख रुपये आरोपी को सौंप दिए।
न नौकरी, न पैसा वापसी
समय बीतने के बाद जब न तो किसी तरह की नियुक्ति हुई और न ही रकम लौटाई गई, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। बार-बार टालमटोल और बहानों के बाद पीड़ित ने आखिरकार पुलिस का रुख किया।
विशेष टीम ने दबोचा आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने कोंडागांव पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ के दौरान उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस को इस दौरान ठगी से जुड़े अहम दस्तावेज और लेन-देन के सबूत भी मिले।
अदालत से जेल का रास्ता
पूरी जांच प्रक्रिया के बाद 31 जनवरी 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं और संपर्कों की भी जांच जारी है।




